शहर के पावर हाउस चौक स्थित फिल्टर प्लांट के सेटलींग टैंक की सफाई पिछले डेढ़ साल से नहीं की गई है, जिसमें गंदगी जमी हुई है। यही फिल्टर प्लांट इंद्रावती नदी से पानी लेकर उसे शुद्ध कर शहर के घरों तक पहुंचाने की मुख्य कड़ी है। जगदलपुर में करीब 30 हजार घरों तक पानी की आपूर्ति की जाती है, जिसमें लगभग 60 प्रतिशत भार इसी फिल्टर प्लांट पर निर्भर है। ऐसे में सेटलींग टैंक की नियमित सफाई न होना, केवल तकनीकी चूक नहीं बल्कि शहरवासियों की सेहत के साथ बड़ा जोखिम माना जा रहा है।


कांग्रेस और नगर निगम प्रशासन ने क्या कहा?
इस मुद्दे पर विपक्ष ने निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि इंदौर जैसी गंभीर घटना के बाद भी जगदलपुर नगर निगम ने कोई ठोस सबक नहीं लिया और लापरवाही जारी है। वहीं नगर निगम प्रशासन इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा कर रहा है कि इंदौर की घटना के बाद निगम पूरी तरह अलर्ट है। शहरवासियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।






