
कार्यक्रम में कैंसर के विभिन्न विभागों के अनुभवी चिकित्सकों ने भाग लिया और आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी दी. संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन के डायरेक्टर एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. यूसुफ मेमन ने बताया कि यदि कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए, तो उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है. उन्होंने स्तन, मुंह, गला और पेट से जुड़े कैंसर के शुरुआती लक्षणों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी. सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अर्पण चतुर्वेदी, डॉ. मऊ रॉय, डॉ. विवेक पटेल और डॉ. कल्याण पांडे ने आधुनिक सर्जरी, लेप्रोस्कोपिक तकनीक और न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी के लाभों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि इन तकनीकों से मरीज जल्दी स्वस्थ होते हैं और जीवन की गुणवत्ता बेहतर रहती है. हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल और डॉ. अद्वय गुप्ता ने रक्त कैंसर, ल्यूकेमिया, लिंफोमा और मल्टीपल मायलोमा जैसे रोगों पर जानकारी देते हुए बताया कि नई दवाओं और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी तकनीकों से उपचार में उल्लेखनीय सफलता मिल रही है.
मेडिकल ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों ने कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और टारगेटेड थेरेपी की भूमिका समझाई और कहा कि आज कैंसर का इलाज केवल दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज के पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक सहयोग को भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें.






