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पाकिस्तानी मूल के डॉक्टर की नागरिकता पर संकट: यौन शोषण दोषी के खिलाफ कार्रवाई तेज, United States Department of Justice ने शुरू की रद्द करने की प्रक्रिया

अनादि  न्यूज़ डॉट कॉम,अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) एक पाकिस्तानी मूल के डॉक्टर की नागरिकता छीनने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है, जिसे एक युवा लड़की का यौन शोषण करने के आरोप में जेल में बंद किया गया है। हसन शेरजिल खान के खिलाफ गुरुवार को नागरिकता रद्द करने का मामला दर्ज किया गया। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, वह एक पूर्व डॉक्टर हैं जो 2016 से जेल में हैं। नाबालिग के यौन शोषण के गंभीर मामले में दोषी ठहराए गए डॉक्टर पर अब अमेरिका ने सख्त कदम उठाते हुए उनकी नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

अमेरिकी डिपार्टमेन्ट ऑफ जस्टिस (डीओजे) ने न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में पाकिस्तानी मूल के डॉक्टर हसन शरजील खान के खिलाफ अमेरिकी नागरिकता रद्द करने की याचिका दायर कर दी है.

खान पर एक नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण का आरोप लगा. जांच में सामने आया कि साल 2007 या 2008 से खान ने एक 11 साल की लड़की से ऑनलाइन संपर्क शुरू किया. 2013 तक वह लगातार उसे बहला-फुसलाकर और दबाव डालकर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने और लाइव वीडियो चैट के जरिए यौन गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर करता रहा.

इतना ही नहीं, खान ने पीड़िता के साथ यौन संबंध बनाने के लिए विदेश यात्रा भी की, जब वह मात्र 15 साल की थी. बाद में 2015 में खान को गिरफ्तार किया गया और 2016 में उन्होंने नाबालिग को बहकाने और धमकाने से जुड़े संघीय अपराध में दोष स्वीकार कर लिया. अदालत ने उन्हें 17 साल की सजा सुनाई और वे फिलहाल हिरासत में हैं. अब इस मामले को खान की नागरिकता से जोड़ दिया गया और इसके रद्द करने प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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सहायक अटॉर्नी जनरल ब्रेट शुमेट ने एक बयान में कहा, “प्राकृतिककरण और अमेरिकी नागरिकता यौन अपराधियों को उनके जघन्य कृत्यों के परिणामों से नहीं बचाएगी।” उन्होंने आगे कहा: “यदि आप नागरिकता प्राप्त करने के दौरान गंभीर अपराधों का खुलासा करने में विफल रहते हैं, तो सरकार आपके झूठ का पता लगा लेगी और आपकी अवैध रूप से अर्जित अमेरिकी नागरिकता रद्द कर देगी।”

डीओजे के अनुसार, खान ने नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया के दौरान अपने गंभीर आपराधिक आचरण को छिपाया और इस तरह गैरकानूनी तरीके से अमेरिकी नागरिकता हासिल की. खान ने अगस्त 2012 में नागरिकता के लिए आवेदन किया था और मई 2013 में उन्हें नागरिकता प्रदान की गई थी.

माना जाता है कि अगर कोई विदेशी किसी देश की नागरिकता ले ले तो डिपोर्टेशन का खतरा टल जाता है. शिकायत में कहा गया है कि आवेदन के समय तक ही खान ऐसे आपराधिक कृत्यों में शामिल हो चुके थे, जिससे वे नागरिकता के लिए जरूरी “अच्छे नैतिक चरित्र” (Good Moral Character) की शर्त को पूरा नहीं करते थे. यह मामला न्याय विभाग के आव्रजन मुकदमेबाजी कार्यालय द्वारा न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के समन्वय से संभाला जा रहा है.