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बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठंड, शीतलहर की चपेट में मध्यप्रदेश

MP Weather Today Icy winds increase cold: देश के दूसरे राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी नए साल में पारा एकदम से धड़ाम हुआ है। जबलपुर समेत राजधानी भोपाल, ग्वालियर, सागर और होशंगाबाद संभाग में तीखी ठंड का अहसास हो रहा हैं। लगातार दूसरे दिन भी सुबह घने कोहरे की चादर में लिपटी रही। विजिबिलिटी काफी कम हो गई। मौसम विभाग ने 3-4 दिन में मावठा गिरने की संभावना भी जताई हैं। राज्य में सबसे कम तापमान भिंड, दतिया, खजुराहों और नौगांव में दर्ज किया गया।

नए साल में पारा हुआ धड़ाम, ठिठुरा मप्र कुछ दिनों के ब्रेक के बाद बर्फीली हवाओं की खेप ने मध्य प्रदेश का पारा फिर गिरा दिया है। गुजरे साल के दिसंबर के पहले पखवाड़े में तेज ठंड के अहसास से मालवा और चंबल अंचल बचा था, वह भी अब चपेट में है। उत्तरी इलाकों में पहाड़ पर हो रही बर्फबारी का असर एमपी में बीते दो दिनों से ज्यादा देखने को मिल रहा हैं। नए साल के शुरुआती दिनों में मौसम के बदले मिजाज ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

तीखी ठंड के साथ कोहरे का असर प्रदेश में फिलहाल मालवा अंचल में थोड़ी राहत है, लेकिन महाकौशल, नर्मदापुरम, बुंदेलखंड,चंबल और विंध्य में ठंड के तीखे तेवर बरक़रार है। पिछले दो दिनों में एक दम से 5 से 7 डिग्री पारा गिरने से लोगों को दिन के वक्त भी गर्म कपड़ों में रहने मजबूर कर दिया हैं। नए साल की दूसरे दिन की सुबह भी कई घंटों तक घने कोहरे से सूरज ढका रहा। विजिबिलिटी काफी कम होने से आम लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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इन शहरों में ज्यादा ठंड का असर मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक चंबल के भिंड, दतिया, बुंदेलखंड में नौगांव, खजुराहों, विंध्य में रीवा, सतना में ज्यादा ठिठुरन हैं। पचमढ़ी हिल स्टेशन में भी तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। महाकौशल अंचल के जबलपुर समेत मंडला, सिवनी, डिंडौरी जिले में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री के बीच अटका है। तीखी ठंड में प्रदेश के नेशनल पार्क में नए साल का जश्न मनाने पहुंचे पर्यटक प्रकृति का आनंद लेते दिख रहे हैं। तेज ठंड के बाबजूद नए साल के शुरुआती दो दिनों में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व सैलानियों से गुलजार रहे।

मावठा बढ़ाएगा और मुश्किलें मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि आने वाले 3-4 दिन और मुश्किल भरे हो सकते हैं। मावठा गिरने का अनुमान है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बाद घना कोहरा धुंध छाया रहेगा। उसके बाद तापमान में और गिरावट दर्ज होगी। ऐसे मौसम में लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। लोग गर्म कपड़ों के उपयोग के साथ ठंड से बचाव के अन्य उपाय करते दिख रहे हैं।

सीजन में 40 दिनों का विंड चिल फैक्टर प्रदेश के मौसम विज्ञानी एचएस पांडे बताते है कि पहाड़ों पर जहां बर्फबारी हो रही है, वहां बर्फ पिघलने के बाद ठंडी हवा आ रही है। उसकी जिसका चिल फैक्टर मप्र को भी प्रभावित कर रहा है। विंटर सीजन में लगभग 40 दिन तीखी ठंड के असर वाले होते है। शीतलहर प्रभाव वाले ख़ास दिनों में हर खेप 4 से 5 दिनों तक ज्यादा ठंड का अहसास कराती है। दिसंबर में कुछ जगहों पर प्रभाव देखने को मिला, लेकिन अब जनवरी-फरवरी में पूरे प्रदेश में इसका असर रहेगा।

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