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महाराष्ट्र में फर्जी CBI गैंग का भंडाफोड़, ‘रेड टीम’ बनाकर लाखों की ठगी

 

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम ,मुंबई से सटे ठाणे जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक शख्स ने खुद को CBI अफसर बताकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ठग लिए. आरोपी की पहचान राजू पाटेकर के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि उसने पिछले करीब दो साल में करीब 50 युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया. हर युवक से उसने 1.5 लाख से लेकर 3 लाख रुपये तक वसूले. सरकारी नौकरी के सपने में फंसे युवाओं ने अपनी जमा पूंजी तक उसे दे दी.

आरोपी सिर्फ पैसे लेकर गायब नहीं हुआ, बल्कि उसने युवाओं की एक पूरी टीम बना ली. वह इन युवाओं को अपनी ‘CBI रेड टीम’ बताकर होटल और छोटे कारोबारियों पर नकली छापे मारता था. खाकी वर्दी, कमर में एयरगन और हाथ में फर्जी आईडी लेकर वह पूरी तैयारी के साथ पहुंचता था.

उसके साथ 10-15 युवक होते थे, जो खुद को अधिकारी समझकर उसकी हर बात मानते थे. रेड के नाम पर होटल स्टाफ से पूछताछ होती, माहौल बनाया जाता और फिर मामला रफा-दफा करने के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए जाते थे. विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने पूरा सेटअप तैयार किया था. वह युवाओं को सरकारी दफ्तरों में ले जाकर फर्जी मीटिंग करवाता था, जिससे उन्हें लगता था कि प्रक्रिया सच में चल रही है.

मामले में कुछ चौंकाने वाले आरोप भी सामने आए हैं. कुछ महिलाओं ने बताया कि आरोपी उन्हें आपत्तिजनक मैसेज भेजता था. ‘हनी ट्रैप ऑपरेशन’ के नाम पर वह गलत मांगें करता था. इससे साफ है कि यह मामला सिर्फ ठगी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें शोषण के आरोप भी शामिल हैं.

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इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ पीड़ितों ने वंचित बहुजन आघाड़ी के नेताओं से संपर्क किया. आरोपी को एक ऑफिस में बुलाया गया और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया. तलाशी के दौरान उसके पास से कई फर्जी सरकारी आईडी, नकली CBI कार्ड, स्टांप और एक एयरगन बरामद हुई.

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी में और कौन-कौन शामिल हो सकता है. सवाल यह है कि आखिर इतने बड़े फर्जीवाड़े के बावजूद शिकायत दर्ज क्यों नहीं हो पा रही है.

वंचित बहुजन आघाड़ी के जिला अध्यक्ष सोनू पवार का कहना है कि करीब 50 पीड़ित उनके पास पहुंचे हैं, लेकिन अब तक कोई केस दर्ज नहीं हुआ है. पुलिस ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई की वजह बताकर आरोपी से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया.