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स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25: स्वच्छता की मिसाल बने शहरों को राष्ट्रपति मुर्मू आज देंगी पुरस्कार

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समारोह में शहरी स्वच्छता के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार प्रदान करेंगी।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25, दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण है और स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) का एक प्रमुख हिस्सा है। इस समारोह में भारत के सबसे स्वच्छ शहरों की घोषणा होगी और शहरी स्थानीय निकायों के उत्कृष्ट प्रयासों को सम्मानित किया जाएगा।

इस साल के पुरस्कार चार मुख्य श्रेणियों में दिए जाएंगे, जिनमें सुपर स्वच्छ लीग (एसएसएल) शहर, पांच अलग-अलग जनसंख्या श्रेणियों में शीर्ष तीन स्वच्छ शहर, विशेष श्रेणियां जैसे गंगा टाउन, कैंटोनमेंट बोर्ड, सफाईमित्र सुरक्षा और महाकुंभ, तथा राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के उभरते स्वच्छ शहरों के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार शामिल हैं। इस समारोह के दौरान कुल 78 पुरस्कार दिए जाएंगे।

स्वच्छ सर्वेक्षण की शुरुआत 2016 में केवल 73 शहरी स्थानीय निकायों के साथ हुई थी। हालांकि, अब ये सर्वेक्षण 4,500 से अधिक शहरों को कवर कर चुका है। आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अनुसार, 2024-25 का संस्करण इसी विरासत को आगे बढ़ाएगा और ‘कम करें, पुन: उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें’ थीम पर केंद्रित है।

3,000 से अधिक प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ताओं ने 45 दिनों तक देश के हर वार्ड में निरीक्षण किया है। मंत्रालय के अनुसार, इस साल के सर्वेक्षण की खासियत इसकी समावेशिता और व्यापकता रही। 11 लाख से अधिक परिवारों का सर्वेक्षण किया गया और 14 करोड़ नागरिकों ने आमने-सामने बातचीत, स्वच्छता ऐप, माई जीओवी, और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से रिकॉर्ड भागीदारी तक पहुंच गई।

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स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 ने 10 मापदंडों और 54 संकेतकों पर आधारित एक संरचित, तकनीक-संचालित कार्यप्रणाली अपनाई है, जो शहरी भारत में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की व्यापक जानकारी देती है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस साल की विशेषता सुपर स्वच्छ लीग की शुरुआत है, जो स्वच्छता में लगातार उत्कृष्टता का प्रदर्शन दिखाने वाले शहरों को मान्यता देती है।

सुपर स्वच्छ लीग में उन शहरों को शामिल किया गया है जो पिछले तीन सालों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में रहे और इस साल अपनी जनसंख्या श्रेणी में शीर्ष 20 प्रतिशत में हैं। इस लीग का उद्देश्य निरंतरता को पुरस्कृत करना और अन्य शहरों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।

पहली बार, शहरों को अधिक निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए पांच जनसंख्या-आधारित श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, जिनमें बहुत छोटे शहर (20,000 से कम जनसंख्या), छोटे शहर (20,000-50,000), मध्यम शहर (50,000-3 लाख), बड़े शहर (3-10 लाख), और दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहर शामिल हैं।

प्रत्येक श्रेणी का मूल्यांकन उसके आकार और जरूरतों के अनुरूप मानदंडों के आधार पर किया गया है ताकि छोटे शहर भी निष्पक्ष रूप से प्रतिस्पर्धा कर सकें और अपनी प्रगति के लिए पहचाने जा सकें। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 भारत के शहरी परिवर्तन के लिए एक प्रेरणा स्रोत है, जो व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देता है और उत्कृष्टता को पुरस्कृत करता है। साथ ही पूरे देश में सामूहिक नागरिक गौरव को प्रोत्साहित करता है।