उन्होंने बाबा बागेश्वर के मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा- “कुछ बातें चर्चा में है, ऊट-पटांग बात करने वालों को यह समझना होगा, कि जब इतनी बड़ी श्रद्धा का केंद्र पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी हैं, तो वे जब आना चाहेंगे छत्तीसगढ़, तो हम अपने कंधों पर बैठाकर लाएंगे, अपनी पलकों पर बैठाकर लाएंगे.






