जानकारी के अनुसार, देविका कक्षा 8वीं में पढ़ती थी और अपने परिवार की चार बहनों में से एक थी। उसके पिता शैलेंद्र वर्मा स्थानीय हाईस्कूल में स्वीपर के रूप में कार्यरत हैं, जबकि माता आंगनबाड़ी में रसोइया हैं। परिजनों ने बताया कि 28 मार्च की रात करीब 10:30 बजे से देविका घर से लापता हो गई थी। इसके बाद 29 मार्च को दोपहर करीब 12 बजे खैरागढ़ थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई। इसी दौरान 29 मार्च को ही बिलासपुर के मस्तूरी थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात किशोरी का शव बरामद हुआ
31 मार्च को परिजनों द्वारा पहचान किए जाने के बाद पुष्टि हुई कि शव देविका वर्मा का ही है। इसके बाद खैरागढ़ पुलिस परिजनों को लेकर बिलासपुर पहुंची और आगे की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों का जल्द खुलासा किया जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामला हादसे का है या फिर इसके पीछे कोई अन्य वजह है। पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी हुई है।






