चेक-बाउंस मामले में Rajpal Yadav को मिली अंतरिम जमानत, भतीजी की शादी में शामिल होने लगाई थी याचिका
अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, एक्टर राजपाल यादव (Rajpal Yadav) इस समय तिहाड़ जेल में बंद हैं. उन्हें साल 2012 की फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़े चेक-बाउंस केस में उन्होंने 5 फरवरी को दिल्ली के तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था. इस मामले में आज यानी 16 फरवरी को सुनवाई हुई और कोर्ट ने एक्टर को बड़ी राहत देते हुए उनकी जमानत को मंजूरी दे दी है.

कोर्ट ने 1.5 करोड़ का डीडी जमा करने का दिया था अल्टीमेटम
बता दें कि राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को उनकी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने इजाजत दे दिया है. एक्टर को 18 मार्च तक अंतरिम जमानत मिल गई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव (Rajpal Yadav) के वकील को अंतरिम जमानत के लिए प्रतिवादी के नाम पर 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने के लिए दोपहर 3 बजे तक का टाइम दिया था.
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा अगर आप डिमांड ड्राम आज दोपहर 3 बजे तक जमा कर देते हैं, तो हम आपको रिहा कर देंगे अगर नहीं कर पाए तो हम कल सुबह इस मामले पर सुनवाई करेंगे. वहीं राजपाल यादव के वकील ने HC को जानकारी दी कि उन्होंने 1.5 करोड़ की डीडी जमा करा दिया है. इसके बाद भतीजी की शादी में शाहजहांपुर में शामिल होने के लिए एक्टर को अंतरिम रिहाई मिल गई है. लेकिन उनको पासपोर्ट सरेंडर कराने का आदेश दिया गया है. वहीं, अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी.
राजपाल यादव ने 5 फरवरी को किया था सरेंडर
बता दें कि राजपाल यादव (Rajpal Yadav) ने 5 फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था. सरेंडर करने से पहले उन्होंने कहा, “सर, मुझे क्या करना चाहिए? मेरे पास पैसे नहीं हैं, मुझे कोई सॉल्यूशन नहीं दिख रहा है. हम सब यहां अकेले हैं, मुझे इस प्रॉब्लम से खुद ही निपटना होगा.” राजपाल यादव का बयान ऑनलाइन सामने आने के बाद, कई बॉलीवुड सेलिब्रिटी उन्हें फाइनेंशियली सपोर्ट करने के लिए आगे आए थे. उनके मैनेजर गोल्डी जैन के मुताबिक, सलमान खान, सोनू सूद, अजय देवगन, वरुण धवन और फिल्ममेकर डेविड धवन जैसे एक्टर्स ने मदद की
क्या है पूरा मामला?
एक्टर राजपाल यादव (Rajpal Yadav) ने साल 2012 में अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ उधार लेने का आरोप है. हालांकि, फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के बाद, राजपाल ऑर्गनाइजेशन को पैसे वापस नहीं कर पाए, जिससे कोर्ट केस हो गया. साल 2018 में एक मैजिस्ट्रियल कोर्ट ने उन्हें और उनकी पत्नी राधा को अप्रैल 2018 में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के सेक्शन 138 के तहत दोषी ठहराया. शिकायत करने वाले को दिए गए सात चेक बाउंस होने के बाद, एक्टर को छह महीने की सिंपल जेल की सज़ा सुनाई गई.
साल 2019 की शुरुआत में एक सेशन कोर्ट ने सज़ा को बरकरार रखा. राजपाल यादव ने आखिरकार हाई कोर्ट में अपील की. जून 2024 में, कोर्ट ने उनकी सजा सस्पेंड करके और उन्हें बकाया रकम चुकाने के लिए “ईमानदारी और असली कदम” उठाने का निर्देश देकर कुछ समय के लिए राहत दी, जो बढ़कर लगभग 9 करोड़ हो गई थी. हालांकि, 2 फरवरी को, हाई कोर्ट ने राजपाल को सरेंडर करने का निर्देश दिया, यह देखते हुए कि एक्टर ने शिकायत करने वाले को रकम वापस करने के लिए कोर्ट को दिए अपने वादे को बार-बार तोड़ा.





