धान खरीदी केंद्रों में भारी अनियमितता उजागर
आदेश के अनुसार खाद्य अधिकारी ने धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था पर समुचित ध्यान नहीं दिया। धान खरीदी में मिलरों द्वारा किए जा रहे उठाव की प्रभावी निगरानी नहीं की गई। खरीदी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण भी नहीं किया गया, जिससे अव्यवस्थाएं बढ़ती गईं। धान उठाव की नियमित जांच नहीं होने से गड़बड़ियों को समय रहते रोका नहीं जा सका। इसे आचरण नियमों का उल्लंघन माना गया। राज्य शासन ने इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई। नियम-9 के उप-नियम (1) खंड (क) के अंतर्गत निलंबन आदेश जारी किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार के स्पष्ट निर्देश, धान खरीदी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
निलंबन अवधि के दौरान खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना काे नवा रायपुर स्थित संचालनालय खाद्य विभाग के मुख्यालय में अटैच किया गया है। इस अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय रहेगा। विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। धान खरीदी व्यवस्था पर शासन की कड़ी नजर है। राज्य शासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलों के खाद्य अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी दिनों में अन्य जिलों में भी जांच और कार्रवाई तेज हो सकती है। इस कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।







