मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानी बीके चिंधालोरे ने बताया, अगले दो दिनों तक यही स्थिति बने रहने की संभावना है। कहीं-कहीं बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी तरह का बदलाव संभावित नहीं है।

20 मिनट तक हुई ओलावृष्टि, फसलों को नुकसान की आशंका
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में सोमवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी-तूफान के साथ हुई जोरदार ओलावृष्टि से पूरा इलाका सफेद चादर में ढंक गया। करीब 15 से 20 मिनट तक लगातार ओले गिरते रहे, जिससे सड़कों, मकानों की छतों और खेतों में बर्फ जैसी परत जम गई। अचानक बदले मौसम से जनजीवन प्रभावित हुआ है। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़-पौधे झुक गए, जबकि खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। किसानों के अनुसार गेहूं, राई, सरसों और मौसमी सब्जियों की फसल पर ओलावृष्टि का प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें
स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मौसम के दौरान केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें।






