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भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले की जांच में देरी

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, रायपुर। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-विशाखापट्‌नम इकॉनामिक कॉरिडोर में मुआवजा घोटाले के बाद भूअर्जन मुआवजा प्रकरणों को लेकर प्राप्त दावा-आपत्तियों व शिकायतों की जांच रिपोर्ट को लेकर रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कावरे ने सोमवार को समीक्षा की. इस दौरान एक और जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट संभागायुक्त को सौंपी. इसके पहले एक टीम द्वारा रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है. जबकि दो टीमों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है. इस पर नाराजगी जताते हुए संभागायुक्त ने संबंधित टीमों को अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने कहा है, ताकि आगे कार्रवाई की जा सके. गौरतलब है कि संभागायुक्त ने भारतमाला परियोजना के तहत भू-अर्जन मुआवजा प्रकरणों के संबंध में नए सिरे से दावा-आपत्तियां मंगाई गई थीं।

इनमें डेढ़ सौ से अधिक दावा आपत्तियां व शिकायतें मिली थीं. दावा-आपत्तियों की जांच के लिए अपर कलेक्टर ज्योति सिंह, उमाशंकर बंदे, निधि साहू, इंदिरा देवहारी की अध्यक्षता में अलग-अलग चार टीमें बनाई थीं. चारों टीमों को हफ्तेभर में रिपोर्ट देने कहा गया था. बाद में 15 अगस्त तक जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम दिया गया।

संभागायुक्त के सख्त निर्देशों के बाद भी टीमों ने निर्धारित समयावधि में अपनी जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी. बताया गया है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने में पहले से ही काफी देर हो चुकी है. इसके चलते प्रभावित किसानों को न तो न्याय मिल पा रहा है और न ही दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हो पा रही है. नए सिरे से प्राप्त दावा-आपत्तियों में ज्यादातर प्रभावित किसानों ने अर्जित भूमि का कम मुआवजा मिलने की बात कही है. हालांकि ऐसे प्रकरणों में प्रभावित किसान संभागायुक्त के न्यायालय के समक्ष अभ्यावेदन दे सकते हैं. वहीं, गड़बड़ी संबंधी शिकायतों पर शासन द्वारा निर्णय लिया जाएगा।

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