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भारत का रुख अड़ियल है…पाकिस्तान से अमेरिका की बढ़ती नजदीकियों पर व्हाइट हाउस बोला- रिश्तों को बदला नहीं जा सकता

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, वाइट हाउस ऑन US-India-Pakistan Relation: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के थोफे गए 50% टैरिफ के कारण भारत और अमेरिका के रिश्ते इस वक्त बुरे दौर से गजर रहे हैं। इस एकतरफा फैसले के कारण भारत-यूएस ट्रेड डील (India-US Trade Deal) भी अधर में लटक गया है। इसे लेकर अमेरिका ने भारत को ही जिम्मेवार ठहराया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि भारत अमेरिका के साथ ट्रेड टॉक में भारत का रुख अड़ियल रहा है। इसके कारण यह नौबत आई है।

बता दें कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त से लागू हो जाएगा। इसे लेकर दोनों देश बातचीत के जरिए बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं।बेसेंट ने कहा कि बड़े व्यापार समझौतों का अभी भी इंतजार है, जिनमें स्विट्जरलैंड और भारत के साथ समझौते भी शामिल है। उन्होंने खास तौर से भारत का जिक्र करते हुए कहा कि चल रही वार्ता में भारत का रुख थोड़ा अड़ियल है। बेसेंट ने बताया कि ट्रंप प्रशासन अक्टूबर लास्ट तक व्यापार वार्ता पूरी कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह महत्वाकांक्षी है, लेकिन मुझे लगता है कि हम अच्छी स्थिति में हैं। बेसेंट ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि हम ऐसा कर सकते हैं कि सभी महत्वपूर्ण देशों के साथ ठोस शर्तों पर सहमत हो जाएंगे।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने क्या कहा
इधर केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मंगलवार (12 अगस्त, 2025) को संसद को सूचित किया कि अमेरिका को भारत के कुल निर्यात मूल्य के आधे से ज़्यादा हिस्से पर रेसिप्रोकल टैरिफ का असर पड़ेगा। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के एक लिखित जवाब में कहा कि अनुमान है कि अमेरिका को भारत के कुल निर्यात मूल्य का लगभग 55 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ के कारण है।

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 पाकिस्तान से अमेरिका की बढ़ती नजदीकियों पर यह बोला व्हाइट हाउस

पाकिस्तान से अमेरिका की बढ़ती नजदीकियों पर व्हाइट हाउस ने प्रतिक्रिय़ा दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के दौरान दोनों देशों के बीच की स्थिति और भयावह हो सकती थी। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका ने तत्काल कदम उठाए।

ब्रूस ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मई में चार दिनों तक चले सैन्य तनाव को खत्म करने के लिए अमेरिका ने सक्रिय भूमिका निभाई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फोन कॉल कर कूटनीतिक प्रयासों के जरिए दोनों देशों को शांत करने और इन हमलों को रोकने में मदद की। ब्रूस ने कहा कि अमेरिका के भारत और पाकिस्तान के साथ संबंधों को बदला नहीं जा सकता। दोनों देशों के साथ अमेरिका की कूटनीतिक प्रतिबद्धता बरकरार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि यह क्षेत्र और विश्व के लिए फायदेमंद हैं. हम अपने रिश्तों को नहीं बदल सकते।बता दें कि पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर दो महीने में दूसरी बार अमेरिका गए हैं। इससे पहले जून 2025 में उनकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ निजी भोज पर मुलाकात हुई थी। वहीं, हाल ही में मुनीर ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर जनरल माइकल कुरिला की विदाई समारोह में भाग लिया और नए कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर को बधाई दी। कुरिला ने पाकिस्तान को आतंकवाद रोधी प्रयासों में शानदार साझेदार बताया था।

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