अनादि न्यूज़

सबसे आगे सबसे तेज

छत्तीसगढ़

रथ परिक्रमा पथ पर अंडरग्राउंड वायरिंग का काम 5.19 करोड़ में तेज़ी से जारी।

रथ परिक्रमा पथ पर अंडरग्राउंड वायरिंग का कार्य तेज, 5.19 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, रायपुर: विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए रथ परिक्रमा मार्ग पर अंडरग्राउंड वायरिंग का काम तेजी से चल रहा है। 5.19 करोड़ रुपये की इस परियोजना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर मंजूरी मिली है। दशहरा समिति लंबे समय से ऊपर लटके विद्युत तार हटाकर अंडरग्राउंड वायरिंग की मांग कर रही थी, ताकि रथ संचालन में बाधा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर खतरा न हो।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर दशहरा की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को प्राथमिकता दी। उनके निर्देश पर परियोजना को हरी झंडी मिली और तेजी से कार्य शुरू हुआ। श्री साय ने कहा कि यह पहल न केवल उत्सव की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी बल्कि बस्तर के बुनियादी ढांचे और पर्यटन को भी नई मजबूती देगी। स्थानीय जनता और दशहरा समिति ने इस निर्णय का स्वागत किया है।

फूल रथ परिक्रमा पथ पूर्ण, मुख्य मार्ग पर तेजी से कार्य

विद्युत विभाग के अनुसार, फूल रथ परिक्रमा पथ पर अंडरग्राउंड वायरिंग का काम पूरा कर लिया गया है। अब मुख्य रथ परिक्रमा मार्ग पर तेजी से कार्य चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद ऊपरी तारों से जुड़ी सभी बाधाएं पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी और रथ संचालन निर्बाध और सुरक्षित हो सकेगा।
विजय रथ परिक्रमा के लिए विशेष इंतजाम

बस्तर दशहरा का सबसे बड़ा आकर्षण विजय रथ परिक्रमा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस महत्वपूर्ण आयोजन को देखते हुए विद्युत कम्पनी ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। रथ मार्ग से जुड़े सभी विद्युत पोल, तार और अन्य संभावित बाधाओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि कार्य को तय समय-सीमा में पूरा करने के लिए टीमें दिन-रात काम कर रही हैं।

सुरक्षा के साथ शहर का सौंदर्य भी बढ़ेगा

यह परियोजना केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर की सुंदरता को भी नया रूप देगी। ऊपरी तारों और खंभों की अनुपस्थिति से रथ मार्ग और आसपास का क्षेत्र अधिक आकर्षक व व्यवस्थित दिखाई देगा। साथ ही, बिजली आपूर्ति भी और स्थिर होगी। दशहरा समिति के सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की इस पहल ने जनता को एक बड़ा तोहफा दिया है और यह परियोजना उत्सव की गरिमा को नई ऊंचाई तक ले जाएगी।

See also  सरयूपारीण ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष डॉ सुरेश शुक्ला ने किड्डी क्लाउड का उद्घाटन किया।

Related posts: