अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, रायपुर। लगता है राजधानी रायपुर अब पूरी तरह नशे के सौदागरों के जद में आ चुका है। पुलिस की सख्ती के बाद भी नशे के तस्करों का रायपुर के विभिन्न पाश कालोनियों और आऊटर को सुरक्षित ठिकाने के रूप में उपयोग कर रहे है। रायपुर में पुलिस की नाक के नीचे सूखे नशे के कारोबार फल फूल रहा है। जानकार हैरानी होगी कि रायपुर चरस, अफीम, गांजा, हिरोइन जैसे सूखे नशे का सबसे बड़ा सेंटर बन गया है। यहां से महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, गुजरात यूपी बिहार, प.बंगाल, उड़ीसा समेत 10 राज्यों में आसानी से मादक पदार्थों की तस्करी हो रही है। पुलिस के पास पुख्ता जानकारी होने के बाद भी एक्शन नहीं ले रहा है। जानकारों की मानें तो इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण माना जा रहा है। अब रामकुंड सूखे नशे के सबसे बड़े मार्केट के रूप में उभर कर सामने आया है। यहां पर शेरू, वासुदेव पारा में तरह-तरह के नशे की सामग्री की सप्लाई मुंह मांगा दाम पर कर रहे है।
रायपुर शहर की संस्कृति और परंपरा को बचाने की सौगंध काने वाले तमाम हिंदूवादी सब कुछ देखने के बाद भी मौन साधे बैठे हुए है। रामकुंड में बजरंग बली की मूर्ति के सामने जगदीश निषाद की चाय की टपरी है जहां से खेल चल रहा है। नसे के अलावा बड़ी कंपनियों के नशे की गोलियां भी इसी स्थल से लोगों को घर पहुंच सेवा दी जा रही है। मुंह मांगे दाम पर शहर के रईस जादे घर में नसे को छुपाने के लिए नाइट्रोटेन नामक गोली निषाद की टपरी में आसामी से मिल जाती है। माना जा रहा है कि रामकुंड अब मौत का कुंड बन चुका है जिसके जद में शहर के युवा इस कदर फंस गए है कि वहां से सीधे मौत के मुंंह जाना तय माना जा रहा है। बचने की कोई उम्मीद ही नहीं है।
शहर में सूखे नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद भी इस गोरखधंधे पर रोक नहीं लग पा रही है। अब तक पकड़े गए तस्करों के मुताबिक सूखे नशे का धंधा 10 से अधिक राज्यों में फैल चुका है।
गांजा और हेरोइन की ज्यादा खपत : अलग-अलग राज्य के तस्कर रायपुर में आने लगे हैं। सबसे ज्यादा गांजे की तस्करी दूसरे शहरों में हो रही है और वहां से एमडीएमए, हेरोइन, ब्राउन शुगर जैसी चीजें यहां आ रही है। उल्लेखनीय है कि इंडस्ट्रियल इलाके में गांजा और हेरोइन की ज्यादा खपत है, तो क्लबों, होटल और कैफे में एमडीएमए ज्यादा बेचा जा रहा है। और नाइट्रोटेन गोली, बड़ी कंपनियों के नाम की शीतल पीये में भी नशे का सामान मिलाकर चोरी छिपे बेचा जा रहा। बड़े पैमाने में होलसेल में ये सभी बड़ी कंपनियों के बोतल पैक कोल्ड्रिंग्स नशे के रूप में उपलब्ध है। छुटभैय्ये नेताओं के देखरेख में सुचारू रूप से रायपुर के युवाओं को नशे में ढकेला जा रहा है। छुटभैय्या नेताओं ने थाने की दलाली का ठेका ले रखा है इसी कारण शहर के गली-मोहल्लों और झुग्गी बस्तियों में बेताहाशा नशे का कारोबार बढ़ा जिससे अपराधिक मामले बढ़े।