किसी तरह वह ट्रक चला कर जी रहा है. शकील एक दिन हमेशा की तरह सामान लेकर ट्रक से जा रहा था, तभी उसकी एक सुनसान रोड पर किनारे एक कार खड़ी देखी. कार में कोई नहीं था. शकील को शक हुआ उसने तुरंत अपना ट्रक रोका और कार के पास जा पहुंचा. सकील को जब कार के पास कोई नहीं दिखा तो इधर-उधर देखने लगा. तभी उसे एक लड़की की चीख सुनाई दी.
शकील कसक विश्वास में बदल गया. उसने एक साथी के साथ हाथों में लोहे का रोड लेकर गया और उसने अपने साथी के साथ उसका पीछा किया और घटनास्थल पर पहुंचा. उसने देखा कि चार लड़कों ने एक लड़की को पकड़ रखा है. शकील ने उसे छोड़ने के लिए कहा लेकिन उन लड़कों ने शकील पर हमला कर दिया. शकील कि हाथों में रोड होने की वजह से लड़के कमजोर पड़ गए और उन्हें वहां से भागना पड़ा.
शकील ने लड़की से उसका परिचय पूछा. लड़की ने बताया कि उसका नाम रेनू है और वह अनाथालय में बड़ी हुई है और कॉल सेंटर में काम करती है. शकील ने उसे अपने बारे में बताएं और कहा क्या तुम मेरी बेटी बनोगी. रेनू ने तुरंत शकील को अपना पिता के रूप में स्वीकार कर लिया. शकील ने ही रेनू की शादी कराई और आज वह अपने जीवन में खुश है.





