अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की संयुक्त टीम ने ओम साई बेवरेज कंपनी के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को 6 सितंबर तक ईओडब्ल्यू की रिमांड पर भेज दिया। अब एजेंसी दोनों से घोटाले में उनकी भूमिका और नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ करेगी।
झारखंड जेल से रायपुर लाए गए आरोपी
गौरतलब है कि अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा इस समय झारखंड की जेल में बंद थे। ईओडब्ल्यू ने दोनों के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया था। इसी क्रम में गुरुवार को टीम झारखंड पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को रायपुर लेकर आई। शुक्रवार सुबह इन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को 6 सितंबर तक दोनों की रिमांड दे दी।
घोटाले के मुख्य आरोपियों से जुड़े पुराने संबंध
जांच एजेंसियों का दावा है कि ओम साई बेवरेज कंपनी के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा के शराब घोटाले के मुख्य आरोपियों से गहरे संबंध रहे हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से अवैध शराब कारोबार को बढ़ावा देने और वित्तीय लेन-देन में मदद की थी। यही कारण है कि एजेंसी अब इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घोटाले में इनकी प्रत्यक्ष भूमिका क्या रही और कितनी बड़ी रकम की हेराफेरी हुई।
शराब घोटाले का बड़ा दायरा
छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला पिछले कुछ वर्षों से लगातार चर्चा में है। ईओडब्ल्यू की जांच में यह सामने आया है कि कथित रूप से सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई। इसमें कई ठेकेदारों, अधिकारियों और कंपनियों की भूमिका सामने आ चुकी है। जांच एजेंसी ने इस मामले में पहले ही कई अहम लोगों को गिरफ्तार किया है और कुछ आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
रिमांड में होंगे कई अहम खुलासे
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, 6 सितंबर तक की रिमांड अवधि में ईओडब्ल्यू की टीम दोनों डायरेक्टर्स से पैसों के लेन-देन, घोटाले के सूत्रधारों से उनके संपर्क और नेटवर्क के संचालन से जुड़े सवाल पूछेगी। एजेंसी को उम्मीद है कि इस पूछताछ से शराब घोटाले के फंडिंग नेटवर्क, राजनीतिक संरक्षण और अन्य राज्यों से संभावित कनेक्शन की भी परतें खुल सकती हैं।
अदालत की सख्ती और अगला कदम
स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि यह मामला व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है, इसलिए आरोपियों से कड़ी पूछताछ जरूरी है। अब 6 सितंबर को दोनों को पुनः कोर्ट में पेश किया जाएगा। उस समय तक एजेंसी को जांच की प्रगति और पूछताछ के निष्कर्ष अदालत में पेश करने होंगे।
ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई
एसीबी-ईओडब्ल्यू अब तक शराब घोटाले के मामले में कई प्रमुख सप्लायर, ठेकेदार और बिचौलियों को पकड़ चुकी है। जांच एजेंसी का मानना है कि अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा जैसे डायरेक्टर्स की गिरफ्तारी और रिमांड से पूरे घोटाले की जड़ तक पहुंचने में मदद मिलेगी। एजेंसी अब तक करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का खुलासा कर चुकी है और आगे भी कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।