अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (SVTU) में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कैंटीन में अचानक आग लग गई। यह घटना विश्वविद्यालय परिसर के विश्वेश्वरैया भवन, जिसे यूटिलिटी बिल्डिंग भी कहा जाता है, में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कैंटीन में इस्तेमाल हो रहे गैस सिलेंडर से गैस रिसाव (लीकेज) होने के कारण आग भड़की। हालांकि, पुलिस और दमकल विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा होने से टल गया।
सिलेंडर लीकेज से उठी लपटें
सूत्रों के अनुसार, कैंटीन में खाना बनाने के दौरान गैस सिलेंडर से रिसाव होने लगा। कुछ ही देर में वहां आग की लपटें उठने लगीं और कैंटीन धुएं से भर गया। कैंटीन कर्मचारी और वहां मौजूद लोग जैसे-तैसे बाहर निकले। घटना की सूचना तुरंत विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस को दी गई। थोड़ी ही देर में दमकल की गाड़ियां और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पा लिया गया।
समय रहते ब्लॉक खाली कराया गया
घटना के समय विश्वेश्वरैया भवन के क्लासरूम में करीब 200 से अधिक इंजीनियरिंग छात्र मौजूद थे। आग की खबर मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत सभी छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए। ब्लॉक को खाली कराने में शिक्षकों और सुरक्षाकर्मियों ने मदद की। समय पर सतर्कता बरतने से कोई बड़ा हादसा होने से टल गया।
महिला कर्मचारी बेहोश, अस्पताल भेजा गया
आगजनी के दौरान कैंटीन में काम कर रही एक महिला कर्मचारी बेहोश हो गईं। बताया जा रहा है कि धुएं और घबराहट की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है।
दमकल विभाग और पुलिस की कार्रवाई
मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने तुरंत आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। कुछ ही देर की मशक्कत के बाद आग नियंत्रित कर ली गई। पुलिस ने भी पूरे भवन को सील कर दिया और वहां मौजूद सिलेंडरों और अन्य सामान को बाहर निकलवाया। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार यह आग सिलेंडर लीकेज के कारण लगी। हालांकि, विस्तृत जांच की जा रही है।
छात्रों में दहशत, प्रशासन ने दिए निर्देश
अचानक लगी आग से छात्र काफी सहम गए। कई छात्र कैंपस से बाहर निकल आए और अपने परिवारजनों को फोन कर स्थिति की जानकारी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बयान जारी करते हुए कहा कि सभी छात्र और कर्मचारी सुरक्षित हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, कैंटीन को बंद रखा जाएगा और छात्रों को अन्य स्थानों पर खानपान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
बड़ी दुर्घटना से बचाव
विश्वविद्यालय परिसर में आगजनी की यह घटना बड़ी दुर्घटना में बदल सकती थी, क्योंकि आग लगने के समय भवन में काफी संख्या में छात्र मौजूद थे। अगर समय रहते ब्लॉक खाली न कराया जाता और दमकल विभाग तुरंत मौके पर न पहुंचता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। मौके पर मौजूद छात्रों ने भी बताया कि आग लगने के बाद धुएं के कारण घबराहट बढ़ गई थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और सबको सुरक्षित बाहर निकाल लिया।