“10 साल की उम्र में पहला गाना, 16 में घर से भागकर शादी—9 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स और गिनीज रिकॉर्ड तक का सफर: अलविदा आशा भोसले”

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम , बॉलीवुड की लेजेंडरी सिंगर आशा भोसले का निधन हो गया है। बॉलीवुड सिंगर आशा भोसले ने 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। उन्हें तबीयत बिगड़ने पर एक दिन पहले ही 10 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार, 12 अप्रैल को मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनका निधन हो गया।
आशा भोसले ने करीब 8 दशक तक बॉलीवुड में अपना नाम बनाए रखा। अपने करियर में उन्होंने 20 भाषाओं में करीब 12,000 से ज्यादा गाने गाएं। इसके कारण गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में इनका नाम दर्ज है। साथ ही आशा भोसले को 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स भी मिल चुके हैं।

मराठी फिल्म में गाया था पहला गाना
8 सितंबर 1933 को आशा भोसले का जन्म एक संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक एक्टर और क्लासिकल सिंगर थे। आशा भोसले स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। आशा भोसले जब नौ साल की थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी फैमिली पुणे से कोल्हापुर और बाद में मुंबई आ गई। बड़ी बहन लता मंगेशकर के पद्चिन्हों पर चलते हुए वह भी संगीत की दुनिया में आईं। आशा भोसले ने पहला गीत मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ (1943) में ‘चला चला नाव वाला’ गाया था। जबकि बॉलीवुड में उनका पहला गाना ‘चुनरिया (1948)’ फिल्म में ‘सावन आया’ था। यहां से शुरू हुआ संगीत और गीतों का सफर पांच दशक से ज्यादा समय तक चला और आशा भोसले देखते-देखते भारतीय संगीत की दिग्गजों में शामिल हो गईं।

नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज
आशा भोसले लेजेंडरी दिवंगत सिंगर लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं। अपनी बड़ी बहन की तरह, आशा का करियर भी ऐतिहासिक रहा है। उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए स्ट्रगल तो करना पड़ा, मगर वो स्ट्रगल आगे जाकर कारगर साबित हुआ। आशा भोसले ने अपने 80 साल के सिंगिंग करियर में करीब 12,000 से ज्यादा गाने 20 से ज्यादा भाषाओं में गाए। इसके लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है।

‘उड़े जब जब जुल्फें तेरी’ गाने से मिली शुरुआती पहचान
आशा भोसले को अपने प्रोफेशनल करियर में सफलता मिलनी साल 1957 से शुरू हुई। उनका गाना ‘उड़े जब जब जुल्फें तेरी’ काफी बड़ा हिट हुआ था, जिसे उन्होंने मोहम्मद रफी साहब के साथ गाया। सिंगर को इसके बाद अच्छी पहचान मिलने लगी। मगर उनकी पर्सनल जिंदगी काफी उथल-पुथल हो गई थी। आशा भोसले और उनके पति के बीच सबकुछ ठीक नहीं रहता था। कुछ सालों बाद सिंगर ने अपने बच्चों के साथ पति का घर भी छोड़ दिया. 1950s-1980s तक आशा भोसले ने खूब नाम कमाया. फिर आया 90s का दौर, जहां उन्हें ए.आर.रहमान ने ‘रंगीला’ फिल्म के टाइटल-ट्रैक के लिए चुना. इस गाने को आज भी कहीं ना कहीं सुना और पसंद किया जाता है।
9 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स जीते
सिंगर की बात करें तो उन्होंने अपने करियर में यूं तो कई सारे अवॉर्ड जीते हैं जिसमें बॉलीवुड का प्रतिष्ठित फिल्मफेयर अवॉर्ड भी शामिल है। सिंगर ने 2-4 नहीं बल्कि रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स जीते हैं। इसमें से 7 कॉम्पिटिटिव अवॉर्ड्स हैं जो उन्होंने 1967 से 1979 के बीच में जीते हैं।
16 साल की उम्र में घर से भागकर की थी शादी
आशा भोसले मशहूर थिएटर एक्टर और क्लासिकल सिंगर दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और महान गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं। जब वो सिर्फ 9 साल की थीं तब उनके पिता का निधन हो गया था, जिसकी वजह से उन्होंने बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर परिवार को सपोर्ट करने के लिए सिंगिंग शुरू कर दी थी। 16 साल की उम्र में आशा भोसले ने बड़ी बहन लता के 31 साल के सेक्रेटरी गणपतराव भोसले से भागकर शादी की थी। लता जी और उनका परिवार इस शादी के सख्त खिलाफ था। इसके कारण उन्होंने आशा से लंबे समय तक बातचीत बंद कर दी थी। शादी के बाद आशा भोसले को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और वह घरेलू हिंसा का शिकार भी हुईं। वह जिंदगी से इतनी निराश हो गई थीं कि खुद को खत्म करना चाहती थीं। 1960 में वह पहले पति से अलग हो गईं। जब आशा भोसले की पहली शादी टूट गई और वह अपने तीन बच्चों (हेमंत, वर्षा और आनंद) के साथ वापस अपने परिवार के पास आईं, तब धीरे-धीरे दूरियां कम होनी शुरू हुईं।

संगीतकार आरडी बर्मन से की दूसरी शादी
आशा भोसले ने दूसरी शादी संगीतकार आरडी बर्मन से की थी। दोनों की पहली मुलाकात 1956 में हुई थी। वहीं, उनकी गहरी दोस्ती और संगीत का सफर फिल्म तीसरी मंजिल (1966) के दौरान शुरू हुआ। फिर लगातार काम करते हुए दोनों की अच्छी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदलनी शुरू हुई। आरडी बर्मन ने एक दिन मौका पाकर आशा के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। आशा ने तुरंत हां कर दी थी, लेकिन बर्मन की मां ने शादी से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने बर्मन से कहा कि अगर ये शादी होगी तो मेरी लाश पर ही होगी। बर्मन की मां इसलिए इनकार कर रही थीं, क्योंकि आशा उनसे 6 साल बड़ी थीं और 3 बच्चों की मां थीं। तब बर्मन ने चुपचाप मां की बात मान ली। हालांकि, जब बर्मन के पिता एसडी बर्मन का निधन हुआ, तो मां की मानसिक स्थिति बिगड़ गई। ऐसे में मां की हालत में सुधार के लिए बर्मन ने आशा भोसले से 1980 में शादी कर ली थी।आशा भोसले और आरडी बर्मन (पंचम दा) की अपनी कोई संतान नहीं थी।





