अनादि न्यूज़ डॉट कॉम : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) की वोटिंग से पहले ही आम जनता उन्नयन पार्टी के चेयरमैन हुमायूं कबीर को तगड़ा झटका लगा है। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर को तगड़ा झटका देते हुए गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है। ओवैसी ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी एआईएमआईएम अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी है।
असदुद्दीन ओवैसी ने यह फैसला हुमायूं कबीर के कथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सामने आने के बाद लिया है। इस वीडियो में बंगाल चुनाव के लिए हुमायूं कबीर और बीजेपी के बीच 1000 करोड़ की डील की बातचीत है। ये वीडियो टीएमसी ने जारी किया है।
AIMIM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा- हुमायूं कबीर के खुलासों ने बंगाल के मुसलमानों की असुरक्षा को उजागर किया है। एआईएमआईएम ऐसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं कर सकती, जिससे मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठे। आज से एआईएमआईएम ने कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन वापस ले लिया है। बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित समुदायों में से एक हैं। दशकों के धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद उनके लिए कुछ नहीं किया गया है। किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने के संबंध में पार्टी की नीति यही है कि हाशिए पर पड़े समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिले। हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।
हुमायूं कबीर के वायरल वीडियो पर मचा है बवाल
बता दें कि बंगाल की राजनीति में उस समय नया बवाल मच गया, जब 9 अप्रैल को टीएमसी ने हुमायूं कबीर की स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो वायरल किया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे शेयर किया और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और पीएमओ के साथ कबीर की कथित नजदीकी के दावों की ईडी से जांच की मांग की। वीडियो में हुमायूं कबीर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संबंध होने और विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने के प्रयासों का कथित तौर पर दावा करते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में, कबीर को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए ‘किसी भी हद तक’ जाने को तैयार हैं और वह शुभेंदु अधिकारी सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। पिछले साल के अंत में तृणमूल से निलंबित किए जाने के कुछ दिनों बाद ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ की स्थापना करने वाले कबीर के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि उन्होंने पीएमओ से संपर्क किया था और उन्हें भाजपा शासित अन्य राज्यों के नेताओं के साथ तालमेल बिठाने की सलाह दी गई थी। वीडियो में कथित तौर पर कबीर यह कहते हुए भी नजर आ रहे हैं कि उनकी रणनीति सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से अल्पसंख्यक वोटों को अपने पक्ष में करने के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस तरह के बदलाव से भाजपा को चुनावी रूप से फायदा हो सकता है।






