2 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य जांच अभियान, 85 हजार बच्चे होंगे कवर
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज सिन्हा ने बताया कि यह अभियान केवल बच्चों तक सीमित नहीं है. इस दौरान गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से इनके एनीमिया स्तर और बीएमआई की जांच की जाएगी, ताकि भविष्य के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके. आंगनबाड़ी केंद्रों में इस दौरान पूरक पोषण आहार का वितरण भी किया जा रहा है.
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में कुपोषण की वास्तविक स्थिति का पता लगाना है. वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, बस्तर जिले के करीब 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों में 85 हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं. पिछले विभागीय रिकॉर्ड बताते हैं कि जिले में लगभग 19 हजार बच्चे अब भी कुपोषण की श्रेणी में आते हैं.
जागरूकता से मिटेगा अंधेरा
विभाग का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से कुपोषण नहीं मिटेगा. वजन त्यौहार के माध्यम से पालक-माता-पिता को भी बच्चों के सही खान-पान और स्थानीय पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दी जा रही है. अधिकारियों ने अपील की है कि सभी अभिभावक अपने बच्चों को नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र लेकर आएं और इस ‘स्वास्थ्य उत्सव’ का हिस्सा बनें.






