अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, रायपुर। इन दिनों देशभर में बिहार में कराये गये एसआईआर की जमकर चर्चा है। सड़क से संसद तक इस मामले को लेकर देश की सियासत में उबाल आ गया है। संसद के मानसून सत्र का अधिकतम कार्य दिवस बिहार में कराये गये मतदाता पुनरीक्षण के मुद्दे की ही भेंट चढ़ गया। विपक्ष जहां इसे वोटबंदी बताकर मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से गायब करने का आरोप लगा रही है तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग और सरकार ने एसआईआर के तहत मृत, प्रवासी और अवैध मतदाताओं के नाम लिस्ट से अलग करने का दावा कर रही है। आज संसद सत्र के 12वें दिन भी संसद में इसी मुद्दे पर हंगामे के आसार है।
बहरहाल इस गतिरोध के बीच पूर्ववर्ती छत्तीसगढ़ सरकार में खाद्य मंत्री रहें अमरजीत सिंह भगत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि, बिहार में 65 लाख वोटर्स के नाम काट दिए गए है। इसी तरह 2028 के चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ में भी मतदाताओं का नाम काटे जाने की तैयारी है। आज जो बिहार में हुआ वह छत्तीसगढ़ में न हो सके लिए सजग रहना होगा। हम भाजपा के मंसूबे को सफल होने नहीं देंगे। पूर्व मंत्री ने कहा कि, सभी को प्रजातंत्र की रक्षा के लिए सामने आना होगा।
वही अमरजीत सिंह भगत के दावों पर मौजूदा कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि, कांग्रेस मृत लोगों का वोट डलवाकर जीतती थी। कांग्रेस ने मान लिया है कि 2028 में उनकी हार तय है। मंत्री नेताम ने कहा कि, बांग्लादेश, पाकिस्तान में बस गए उसका भी वोट डलवाते थे। फर्जी वोटिंग का दंश हम झेल रहे है।





