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छत्तीसगढ़ जानिए जिलों से

नगर निगम से अनुमति या वेंडिंग जोन में ठेला लगाने का लाइसेंस जरूरी हो सकता है।

नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना

नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है. आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर अनुज्ञप्ति प्रदान की जाएगी, 15 दिनों के भीतर निर्णय नहीं लिए जाने पर अनुज्ञप्ति प्रदान की गई समझी जाएगी. जिन व्यापारियों के पास पहले से अनुज्ञप्ति नहीं है, वे 60 दिनों के भीतर आवेदन कर सकेंगे. भवन और खुले स्थानों को नगरीय निकाय द्वारा उस सड़क की चौड़ाई या स्थान के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा, जहां व्यापारिक परिसर स्थित है. नगर निगम क्षेत्रों में 7.5 मीटर से कम सड़क चौड़ाई पर न्यूनतम वार्षिक शुल्क 4 रुपए प्रति वर्गफुट, नगरपालिका में 3 रुपए और नगर पंचायत में 2 रुपए प्रति वर्गफुट तय किया गया है. प्रत्येक अनुज्ञप्ति अधिकतम 10 वर्ष के लिए मान्य होगी, जिसकी अवधि आवेदक स्वयं चुन सकता है.

नवीनीकरण का भी प्रावधान

अनुज्ञप्ति की समाप्ति से कम से कम एक वर्ष पहले नवीनीकरण कराना होगा. निर्धारित अवधि में नवीनीकरण न होने पर अनुज्ञप्ति रद्द कर व्यापार परिसर को सील किया जा सकेगा.

प्रतिबंध और छूट

केंद्र व राज्य शासन, जिला प्रशासन और नगरपालिका द्वारा समय-समय पर जारी आदेश-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा. परिसर के सामने फुटपाथ या सार्वजनिक सड़क पर कोई अवरोध और अतिक्रमण नहीं किया जाएगा. परिसर के सामने किसी तरह की होर्डिंग, विज्ञापन और अवैध पार्किंग की अनुमति नहीं होगी.

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व्यापार परिसर में अनुज्ञप्ति शुल्क

मोहल्ला-कॉलोनी के लिए व्यापार अनुज्ञप्ति शुल्क नगर निगम में 4, नगरपालिका में 3 और नगर पंचायत में 2 रुपए प्रति वर्गफुट प्रतिवर्ष निर्धारित है. इसी तरह छोटे और मध्यम बाजारों में क्रमशः 5, 4 और 3 रुपए तथा बड़े बाजारों में क्रमशः 6, 5 व 4 रुपए प्रति वर्गफुट प्रतिवर्ष निर्धारित है.

अन्य व्यावसायिक परिसरों के लिए अलग दरें

नगरीय निकाय में स्थित ऐसे सभी व्यावसायिक परिसर जो बाजारों में अवस्थित न हो, उसके लिए अनुज्ञप्ति शुल्क की अलग दरें होंगी. नगर निगम में 30 हजार, नगरपालिका परिषद में 20 हजार और नगर पंचायत में 10 हजार रुपए से अधिक नहीं होगी.

वाहनों के माध्यम से व्यापार के लिए भी लाइसेंस

वाहनों के माध्यम से व्यापार के लिए भी लाइसेंस जरूरी होगा. मिनी ट्रक, पिकअप वेन और जीप इत्यादि के लिए नगर निगम में 400, परिषद में 300 और नगर पंचायत में 200 रुपए प्रति वाहन-प्रतिवर्ष अनुज्ञप्ति शुल्क निर्धारित है. वहीं ऑटो रिक्शा और तिपहिया वाहन के लिए क्रमशः 250, 200 और 150 रुपए शुल्क देना होगा. वाहन यह सुनिश्चित करेगा कि यातायात को कोई अवरोध न हो. यातायात में अवरोध किए जाने पर अनुज्ञप्ति निरस्त कर दी जाएगी.