डीजी–आईजी कांफ्रेंस के बीच नक्सल संगठन की घोषणा—1 जनवरी को करेगा आत्मसमर्पण”
अनंत ने कहा कि महीनेभर के दौरान हम जोनभर में बिखरे हमारे तमाम साथियों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करेंगे. सुरक्षा बलों के अभियान के जारी रहने से इसमें व्यवधान उत्पन्न होगा और फलस्वरूप प्रयास में ते नहीं ला पाएंगे. हम टुकड़ों-टुकड़ों में हथियार छोड़कर आने के बजाय एकसाथ या फिर कहे, एक बड़ी तादाद में सरकार के पुनर्वास योजना को स्वीकार करके मुख्यधारा में आना पसंद करेंगे.
संगठन ने छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा आत्मसमर्पण के लिए तय 10 से 15 दिन के समय को नाकाफी बताया. वहीं गृह मंत्री के बयान के आधार पर आत्मसमर्पण से पहले मंत्री के बयान के अनुरूप सरकार के सामने ठोस प्रस्ताव रखने की बात भी कही. इसके साथ स्पष्ट किया कि मुख्यधारा में शामिल होने के ठीक पहले जो प्रेस विज्ञप्ति जारी करेंगे, उसमें रखेंगे या फिर पुनर्वास के बाद रखेंगे.
साथियों से चर्चा के लिए जारी की खुली फ्रिक्वेंसी…
सीपीआई-एम महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ जोन के प्रवक्ता अनंत की ओर से जारी प्रेस नोट में साथियों के चर्चा के लिए खुली प्रिक्वेंसी 435.715 जारी की है. यह पहला मौका है जब नक्सलियों की ओर से सार्वजनिक रूप से फ्रीक्वेंसी नंबर जारी की गई है. अब देखना यह है कि इस पत्र छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सरकार की क्या प्रतिक्रिया आती है.







