
अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, दुर्ग। छत्तीसगढ़ शासन की जनहितकारी योजनाओं व प्रयासों ने ग्रामीण महिलाओं के सपनों को भी नई बुलंदियां दी है, जिससे वे आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में निरंतर अग्रसर हैं। दुर्ग जिले के पथरिया डोमा की पुष्पलता पारकर की कहानी आज उन तमाम महिलाओं के लिए एक मिसाल है, जो उद्यमी बनने का सपना तो देखती हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के आगे ठिठक जाती हैं। पुष्पलता के इस सफर की शुरुआत हुई, जब उन्होंने शासन के पंचायत विभाग से वाशिंग पाउडर निर्माण का तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया।
सरसीवा नगर पंचायत का कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने किया औचक निरीक्षण शुरुआती दौर में जब वे अपना उत्पाद लेकर गांव-गांव घूमती थीं, तो उन्हें लोगों के कड़े सवालों का सामना करना पड़ता था। लोग अक्सर नामी नेशनल ब्रांड्स का हवाला देकर उनसे सामान खरीदने में हिचकते थे, लेकिन पुष्पलता ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी मेहनत से उत्पाद की गुणवत्ता को इतना बेहतर बनाया कि धीरे-धीरे सस्ती कीमत और बेहतरीन सफाई के उनके वादे पर ग्रामीणों का भरोसा जमने लगा। जैसे-जैसे उनके वाशिंग पाउडर की मांग आसपास के 15 गांवों में बढ़ी, पुष्पलता ने अपने काम को विस्तार देने का निर्णय लिया। इस मोड़ पर बिहान योजना उनके लिए वरदान साबित हुई।
ग्राम मनपसार में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन जिसके माध्यम से उन्होंने ऋण (लोन) लेकर एक ई-रिक्शा खरीदा। आज पुष्पलता न केवल खुद ई-रिक्शा चलाकर घर-घर जाकर सामान की डिलीवरी करती हैं, बल्कि इस वाहन का बहुआयामी उपयोग कर अपनी आय के स्रोत भी बढ़ा रही हैं। वे अपने ई-रिक्शा के माध्यम से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल (सेजेस) के बच्चों को सुरक्षित स्कूल तक पहुँचाती हैं
जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ होता है। आज पुष्पलता केवल अपने व्यवसाय में ही नहीं, बल्कि अपनी बेटी ख्याति के उज्ज्वल भविष्य में भी निवेश कर रही हैं। उनकी यह सफलता स्पष्ट करती है कि छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितकारी योजनाओं के सही मार्गदर्शन और व्यक्तिगत कड़ी मेहनत के मेल से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ समाज में अपनी नई और गौरवशाली पहचान भी बना रही हैं।





