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Gupt Navratri 2023: आज से शुरू आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

Ashadha Gupt Navratri 2023: वर्ष में चार नवरात्रियां आती हैं, दो प्रकट और दो गुप्त। चैत्र और आश्विन मास में प्रकट नवरात्रि होती हैं जबिक माघ और आषाढ़ मास में गुप्त नवरात्रि आती हैं। आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि आज से प्रारंभ हो रही है। इस बार गुप्त नवरात्रि पूरे नौ दिन की रहेगी और इसमें पुष्य नक्षत्र, त्रिपुष्कर, सर्वार्थसिद्धि, रवियोग जैसे कई शुभ योग बनने वाले हैं। इस नवरात्रि का समापन 27 जून को भड़ली नवमी पर होगा।

भड़ली नवमी पर अबूझ मुहूर्त होता है

जिसमें विवाह आदि अनेक शुभ कार्य संपन्न किए जाते हैं। भड़ली नवमी के दिन विवाह का अंतिम मुहूर्त होता है क्योंकि इसके दो दिन बाद देवशयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ हो जाता है और फिर विवाह जैसे मांगलिक कार्य पर चार मास के लिए प्रतिबंध लग जाता है। इस बार श्रावण अधिकमास होने के कारण चातुर्मास पांच मास का हो जाएगा।

गुप्त नवरात्रि के प्रमुख दिन

  • 19 जून- गुप्त नवरात्रि प्रारंभ
  • 20 जून- श्री जगन्नाथ रथयात्रा पुरी, रवियोग रात्रि 10:38 से, बुधास्त पूर्व में रात्रि 1:50 पर
  • 21 जून- सूर्य दक्षिणायन, वर्षा ऋतु प्रारंभ, रवियोग रात्रि 1:22 तक
  • 22 जून- श्री विनायक चतुर्थी व्रत, सूर्य आर्द्रा में, रवियोग सायं 5:48 से रात्रि 4:19 तक
  • 23 जून- गुप्त नवरात्रि पंचम दिवस, स्कंदमाता पूजन
  • 24 जून- स्कंद षष्ठी, बुध मिथुन में दोप 12:42 से, रवियोग प्रात: 7:18 से
  • 25 जून- विवस्वत सप्तमी, सर्वार्थसिद्धि योग प्रात: 10:13 से दिन-रात पर्यंत
  • 26 जून- दुर्गाष्टमी
  • 27 जून- गुप्त नवरात्रि पूर्ण, भड़ली नवमी, अबूझ मुहूर्त, रवियोग दोप 2:44 से

बुध-पुष्य का संयोग

गुप्त नवरात्रि की तृतीया तिथि के दिन 21 जून को बुध-पुष्य का शुभ संयोग बना है। नवरात्रि में पुष्य नक्षत्र अत्यंत शुभ होता है। इस दिन भूमि, भवन, वाहन, आभूषण आदि की खरीदी करना शुभ होता है। इसी दिन त्रिपुष्कर योग भी बन रहा है और रात्रि 1:22 तक रवियोग भी बना रहेगा। इसलिए इस दिन किए गए कार्य सफल होंगे।

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तंत्र-मंत्र के लिए श्रेष्ठ गुप्त नवरात्रि

गुप्त नवरात्रि प्रकट नवरात्रि से अधिक सिद्धिदायक होती है। इस नवरात्रि का अधिक महत्व तांत्रिकों और साधकों के लिए होता है। जो देवी को प्रसन्न करके सिद्धियां प्राप्त करना चाहते हैं उनके लिए यह नवरात्रि की उपहार से कम नहीं।