अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, भोपाल। AIIMS भोपाल ने पहली बार ट्रांसजेंडर पुरुष के लिए टॉप सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की है। इस सर्जरी में इन्फीरियर पेडिकल तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें बड़े स्तन ऊतक को हटाते हुए निप्पल-अरीओला कॉम्प्लेक्स को सुरक्षित रखा गया।इस मरीज के लिए यह सर्जरी उनके वास्तविक पहचान को स्वीकारने और सम्मानपूर्वक जीवन जीने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। यह सफलता AIIMS भोपाल में ट्रांसजेंडर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है। आने वाले महीनों में कई अन्य जेंडर-अफर्मेटिव सर्जरी, जिनमें टॉप और बॉटम दोनों प्रकार की प्रक्रियाएं शामिल हैं, भी की जाएंगी।
संस्थान ने यह पहल ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए समावेशी, संवेदनशील और वैज्ञानिक रूप से उन्नत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दिखाने के लिए की है। स्थानीय संगठन और ट्रांसजेंडर समुदाय के सहयोग ने भी इस प्रयास में अहम भूमिका निभाई, जिससे मरीजों को व्यापक देखभाल और जागरूकता सुनिश्चित की जा सके।AIIMS के ट्रांसजेंडर हेल्थ क्लिनिक से जुड़े एक डॉक्टर ने कहा, “हमारे देश में ट्रांसजेंडर पुरुषों की आवश्यकताओं को अक्सर ट्रांसजेंडर महिलाओं की तुलना में कम महत्व दिया जाता है। पूर्वाग्रह और सामाजिक कलंक अभी भी बड़ी चुनौतियां हैं। हमें जागरूकता, अधिक शोध और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील चिकित्सा प्रोटोकॉल की आवश्यकता है, जिसमें वास्तविक अनुभव रखने वाले लोगों की आवाज़ शामिल हो।”
टॉप सर्जरी, जिसे चेस्ट रीकंस्ट्रक्शन के रूप में भी जाना जाता है, स्तन ऊतक को हटाकर अधिक मर्दाना छाती की रूपरेखा बनाने की प्रक्रिया है। यह आम जेंडर-अफर्मेटिव सर्जरी है, जिसका उद्देश्य जेंडर डिस्फोरिया को कम करना और मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना है। AIIMS भोपाल की इस पहल से ट्रांसजेंडर समुदाय में चिकित्सा सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद की जा रही है।




