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आज मनाया जाएगा नाग पंचमी का पर्व, यहां जानिए पूजा की विधि और समय

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम। नाग पंचमी के त्योहार को हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन हिंदू धर्म के अनुयायी नाग देवता की पूजा करते हैं और अपने परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं. साथ ही नाग पंचमी के दिन नाग देवता के दर्शन करना बहुत ही शुभ माना जाता है. इसके लिए लोग सुबह से ही स्नान कर तैयार हो जाते हैं और नाग देवता के दर्शन और पूजा-पाठ करने के लिए निकल पड़ते हैं. भारत, नेपाल समेत अन्य देशों में हिंदू धर्म के अनुयायी इस दिन को बड़े ही हर्षाेल्लास के साथ मनाते हैं।

आज के इस आर्टिकल में आपको इस साल नाग पंचमी के त्योहार से संबंधित पूरी जानकारी मिलने वाली है. तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पड़ियेगा.नाग पंचमी के त्योहार से संबंधित पूरी जानकारी मिलने वाली है. तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पड़ियेगा. कब मनाई जाएगी नाग पंचमी आज के दिन यानी इस साल यानी 2022 में नाग पंचमी 2 अगस्त दिन मंगलवार को मनाई जाएगी।

नाग पंचमी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त:

नाग पंचमी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 5ः42 से लेकर 8ः24 तक यानी 2 घंटे 41 मिनट तक रहेगा. गौरतलब हो कि कुछ लोग सावन माह की कृष्ण पक्ष की पंचमी के दिन भी नाग पंचमी की पूजा कर सकते हैं और यह 28 जुलाई दिन बुधवार को है. कैसे मनाए नाग पंचमी का त्योहार नाग पंचमी के दिन नाग देवता को दूध पिलाया जाता है। अलग-अलग परंपराओं के अनुसार लोग इसे अलग-अलग तरह से मनाते हैं। कहीं नाग पंचमी के दिन भव्य मेले का आयोजन होता है. तो कहीं नागपंचमी के दिन लोग अपनी बेटियों को मायके में बुलाते हैं और उन्हें भोजन करवाकर दान देते हैं. इसके अलावा खेत के मालिक अपने पशुओं जैसे बैल, गाय, भैंस आदि की पूजा भी करते हैं. इस दिन फसलों की पूजा करना भी शुभ माना जाता है।

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कैसे करें नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा:

नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा नाग पंचमी पर सभी का पूजा करने का तरीका अलग होता है. कहीं नाग को दूध पिलाया जाता है, तो कहीं नाग देवता को दूध से नहलाया जाता है. नाग पंचमी के दिन पूजा की सही विधि यहां दी गई है। नाग पंचमी के दिन सूर्याेदय से पहले उठकर स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहने जाते हैं, अलग-अलग नियमों के अनुसार लोग इस दिन अलग-अलग तरह का भोजन बनाते हैं, जैसे कोई खीर बनाता है तो कोई दाल बाटी, इसी तरह आप भी अपने नियमों के अनुसार भोजन बना सकते हैं। नाग देवता की पूजा के लिए ज्यादातर लोग प्रवेश द्वार पर गेरू से लेपते हैं और फिर इस भाग को शुद्ध करते हैं।नाग पंचमी के दिन सूर्याेदय से पहले उठकर स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहने जाते हैं.
नाग पंचमी के दिन सूर्याेदय से पहले उठकर स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहने जाते हैं।

सूर्याेदय से पहले उठकर स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहने:

शुद्ध करने के बाद इस छोटे से भाग पर कोयले एवं घी की मदद से एक चौकोर डिब्बा बनाया जाता है। इस डब्बे के अंदर छोटे-छोटे सर्प बनाए जाते हैं। इस तरह की आकृति बनाकर उसकी पूजा की जाती है। कहीं-कहीं इन सर्प की आकृतियों को कागज पर भी बनाया जाता है। इस तरह पूजा करने के बाद घरों में सपेरे को लाया जाता है। जिसकी टोकरी में एक सांप होता है, लेकिन इस सांप के दांत निकाल दिए जाते हैं और यह जहरीला भी नहीं होता है, उसके बाद लोग सांप की पूजा करते हैं और उन्हें अक्षत, पुष्प, कुमकुम चढ़ाकर दूध एवं भोजन का भोग लगाते हैं, कई लोग इस दिन अच्छी खासी रकम देकर सांप को सपेरे से मुक्ति भी दिलाते हैं. ये काफी शुभ माना जाता है. साथ ही नाग पंचमी के दिन बाम्बी भी दर्शन किए जाते हैं. बतादें कि, ये बाम्बी ही नागों के रहने का स्थान होतीं हैं. इस तरह नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है। पूजा-अर्चना करने के बाद परिवार के लोग खाना खाते हैं।

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