मुर्शिदाबाद में बवाल: तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुमायूं कबीर के काफिले पर पथराव, लाठी-डंडे चले, वीडियो वायरल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद में हिंसा का तांडव जारी है। रेजीनगर से AJUP उम्मीदवार हुमायूं कबीर के काफिले पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जानलेवा हमला किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टीएमसी कार्यकर्ताओं की बड़ी भीड़ ने अचानक हुमायूं कबीर की कार को घेर लिया। हमलावरों के हाथों में लाठियां, डंडे और ईंटें थीं। इसके बाद जानलेवा हमले कर दिया। पथराव से हुमायूं कबीर की गाड़ी समेत कई गाड़ियों के शीशे भी टूट गए। सुरक्षाकर्मी जल्दी से हुमायूं कबीर को निकालर ले गए हैं।
मालदा में तृणमूल कैंप ऑफिस में तोड़फोड़ के आरोप
मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस के ही दो गुट आपस में भिड़ गए। यह विवाद इतना बढ़ गया कि राज्य के निवर्तमान मंत्री ताज़मुल हुसैन के पैतृक गांव बांगरुआ (बूथ संख्या 200 और 201) में टीएमसी के एक चुनावी कैंप ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ की गई। हरिश्चंद्रपुर-I ब्लॉक पंचायत समिति में टीएमसी के नेता स्वपन अली ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मंत्री ताज़मुल हुसैन और उनके समर्थक खुलेआम कांग्रेस पार्टी के पक्ष में प्रचार कर रहे है। स्वपन अली का आरोप है कि मंत्री के ही निर्देश पर उनके समर्थकों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर टीएमसी के कैंप ऑफिस पर हमला किया, पार्टी के झंडे फाड़े और बैनरों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
सिलीगुड़ी में मतदान के दौरान भिड़े TMC और बीजेपी कार्यकर्ता भिड़े
सिलीगुड़ी में मतदान के दौरान TMC और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई है। सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ स्थित बूथ संख्या 26/237 पर मतदान की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान मतदान केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच अचानक बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। घटना के वक्त इलाके से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष भी मौके पर मौजूद थे। केंद्र पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी की वजह से एक बड़ी अप्रिय घटना टल गई और मतदान के प्रक्रिया को फिर से सुचारू रूप से शुरू कराया जा सका। सिलीगुड़ी का यह इलाका संवेदनशील माना जा रहा है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
मुर्शिदाबाद में क्यों हो रहा है बवाल?
दरअसल मतदान से एक दिन पहले रात में मुर्शिदाबाद के नाओदा में देसी बम से हमला किया गया था। इस हमले में कई लोग घायल हुए थे। घायल का कहना है कि ये हमला हुमायूं कबीर ने करवाया है। हमले के बाद आद हुमायूं कबीर स्थिति का जायजा लेने नाओदा पहुंचे। यहां हुमायूं कबीर और उनके समर्थकों की टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हो गई। इसके बाद टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने हुमायूं कबीर को घेर लिया। इस दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने सुरक्षाकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की। इसके बाद घटनास्थल से हुमायूं कबीर को निकालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हुमायूं कबीर के काफिले पर पथराव कर दिया। इसमें हुमायूं कबीर की कार का शीशा भी क्षतिग्रस्त हो गया।






