अनादि न्यूज़ डॉट कॉम ,राघव चड्डा समेत आम आदमी पार्टी के सात सांसदों ने आज पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया. राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसका ऐलान किया. इसके साथ ही तीनों सांसदों ने कहा है कि उनके साथ इस मुहिम में हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल का नाम भी शामिल है. इस तरह से एक साथ आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के इस्तीफे से पार्टी के भीतर भूचाल ला दिया है. वहीं अब इस पूरी घटना के बाद से समाजसेवी और अरविंद केजरिवल के राजनीतिक गुरु अन्ना हजारे का बयान भी सामने आ गया है. अन्ना हजारे ने कहा है कि लोकतंत्र में अगर उन्हें कुछ न कुछ दिक्कतें आई होंगी तो इसलिए वे चले गए होंगे.
‘लोकतंत्र में हर व्यक्ति का अधिकार’
आम आदमी पार्टी के सात सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ बीजेपी का रास्ता अपना लिया है. इस घटना पर समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा है कि “कहां जाना और कहां रहना यह लोकतंत्र में हर व्यक्ति का अधिकार है, इसलिए किसी पर कोई जबरदस्ती करना ठीक नहीं है. लोकतंत्र में अगर उन्हें कुछ न कुछ दिक्कतें आई होंगी तो इसलिए वे चले गए होंगे. इसमें कुछ न कुछ कारण तो होगा. लोकतंत्र में उनको जहां जाना हो गए. इसमें दोष पार्टी और संगठन का है. अगर पार्टी सही तरीके से चल रही होती तो वे नहीं जाते.”
‘आज लोग समाज और देश को भूल गए’
हालांकि, जब उनसे यह कहा गया कि आंदोलन से बनी पार्टी आज टूट रही है, तो इस पर अन्ना हजारे ने यह भी कहा कि “जब स्वार्थ आ जाता है तो लोग टूट जाते हैं. अगर समाज और देश को आंखों के सामने रखा जाए कि मेरा देश मेरा समाज तो कोई भी पार्टी नहीं छोड़ेगा. आज लोग समाज और देश को भूल गए हैं और सत्ता और पैसे के पीछे भाग रहे हैं, इसके कारण गड़बड़ी हो गई.”
दलबदल पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून की जरूरत
अन्ना हजारे ने साथ ही कहा कि देश में बढ़ते दलबदल पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून की जरूरत है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता और पैसे के लालच में नेता बार-बार अपनी पार्टी बदल रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को चुनाव का अधिकार है.
उन्होंने यह भी कहा कि मनमर्जी के अनुसार सत्ता परिवर्तन हो रहा है, जिससे राजनीतिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. अन्ना हजारे ने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव के दौरान ईमानदार और चरित्रवान उम्मीदवारों को ही चुनें. उन्होंने चिंता जताई कि आज सत्ता से पैसा और पैसे से सत्ता का चक्र चल रहा है, जिसके चलते देशहित पीछे छूटता जा रहा है.






