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दिल्ली में अनाथ युवाओं के लिए नई ‘आफ्टरकेयर’ योजना: शिक्षा से रोजगार तक मिलेगा पूरा सहयोग

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम ,दिल्ली सरकार ने बाल संरक्षण गृहों और अनाथालयों से 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद बाहर आने वाले युवाओं के लिए बड़ी पहल की है। सरकार ने “आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स” को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य ऐसे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सुरक्षित भविष्य प्रदान करना है।

हर साल दिल्ली में करीब 150 से 200 युवा बाल संरक्षण संस्थानों से बाहर आते हैं। 18 वर्ष की आयु के बाद संस्थानों से निकलने पर उन्हें आर्थिक, सामाजिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। नई योजना इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

3.5 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित

मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इन युवाओं को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भर भविष्य देना है। योजना के तहत युवाओं को—

  • उच्च शिक्षा में सहायता
  • कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण
  • काउंसलिंग और भावनात्मक सहयोग
  • इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर
  • करियर मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास
  • पुनर्वास और जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहायता

सरकार ने इस योजना के लिए चालू वित्त वर्ष में 3.5 करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित किया है।

मातृ दिवस पर बच्चों से मिलीं मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने रविवार को मातृ दिवस के अवसर पर लाजपत नगर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित “विलेज कॉटेज होम” का दौरा किया और वहां रह रहे बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दिल्ली में 88 बाल संरक्षण गृह संचालित हैं, जिन्हें सरकार और विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाएं मिलकर चला रही हैं। इन संस्थानों में बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक देखभाल, सुरक्षा, शिक्षा, पुनर्वास और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

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लड़के और लड़कियों के लिए अलग आफ्टरकेयर होम

दिल्ली में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग आफ्टरकेयर होम भी संचालित हैं। यहां 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को रहने, भोजन, शिक्षा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, ताकि वे समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

राज्य और जिला स्तर पर होगी निगरानी

योजना के प्रभावी संचालन और निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तर पर विशेष समितियां गठित की जाएंगी।

  • राज्य स्तर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में “स्टेट आफ्टरकेयर कमेटी” बनाई जाएगी।
  • जिला स्तर पर संबंधित जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में “डिस्ट्रिक्ट आफ्टरकेयर कमेटी” कार्य करेगी।

इन समितियों का उद्देश्य युवाओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराना और योजना की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करना होगा।