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‘मुझे मारा-पीटा गया, 100 सीट लूटी गईं’—ममता बनर्जी का भारतीय जनता पार्टी और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल पर बड़ा आरोप

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम (West Bengal Assembly Election Result) आ गया है। बीजेपी (BJP) की भगवा आंधी में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी (TMC) ताश की पत्तों की तरह उड़ गई। बीजेपी ने 206 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं टीएमसी 81 सीटों पर सिमट गई। यहां तक की खुद भवानीपुर सीट से सीएम ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बीच ममता बनर्जी ने सीआरपीएफ और बीजेपी पर सनसनीखेज आरोप लगाई है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव के लिए सुरक्षा में तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों पर मारने और पीटने का आरोप लगाया। वहीं बीजेपी पर वोट चोरी कर 100 सीट चोरी करने का आरोप लगाया है।

दरअसल बंगाल चुनाव की सबसे हाईवोल्टेज सीट भवानीपुर विधानसभा सीट से सीएम ममता बनर्जी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव लड़ा। 4 मई को मतगणना के दौरान सखावत मेमोरियल काउंटिंग सेंटर पर जमकर बवाल देखने को मिला। ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी दोनों एक ही समय काउंटिंग स्थल पहुंच गए। इससे स्थिति तनाव वाली हो गई।

इस दौरान ममता बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि केंद्रीय बलों ने मुझे भी अंदर जाने नहीं दे रहे हैं। यह पक्षपाती है। आप CRPF को देख सकते हैं. उन्होंने मुझे धक्का दिया और मारा। CRPF के ठीक सामने। उन्होंने हर जगह गुंडे लगाए हैं। मैं उम्मीदवार हूं, फिर भी उन्होंने मुझे अंदर नहीं जाने दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा दानवों की पार्टी है। उसने मेरी 100 से ज्यादा सीटें लूट ली है। इलेक्शन कमीशन BJP का कमीशन है। मैंने CEO मनोज अग्रवाल से भी शिकायत की, लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे हैं। क्या आपको लगता है कि यह जीत है? यह एक अनैतिक जीत है, नैतिक जीत नहीं। इलेक्शन कमीशन ने सेंट्रल फोर्स, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ मिलकर जो कुछ भी किया है, वह पूरी तरह से गैर-कानूनी है। यह लूट, लूट और सिर्फ लूट है। हम वापसी करेंगे।

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टीएमसी ने चुनाव आयोग पर लगाया आरोप

बंगाल चुनाव के रिजल्ट को लेकर टीएमसी ने चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया। TMC ने कहा कि चुनाव आयोग ने निष्पक्षता का दिखावा भी पूरी तरह से त्याग दिया है। मतगणना प्रक्रिया में जानबूझकर देरी और उसे लंबा खींचने के बाद, अब यह उन निर्वाचन क्षेत्रों में भी प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर रहा है