ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की टीम गांव पहुंचकर लोगों को जबरन घरों से उठाकर ले गई, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया। वहीं वन विभाग की ओर से लगाए गए मारपीट के आरोपों को ग्रामीणों ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।

उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र का मामला
दरअसल पूरा मामला उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्राम जैतपुरी का है, जहां गरियाबंद डीएफओ अपनी टीम के साथ कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। इस दौरान वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि धक्का-मुक्की के दौरान डीएफओ बाल-बाल बचे। ग्रामीणों का कहना है कि इस दौरान गांव के कई लोगों को चोटें भी आई है।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर किया प्रदर्शन
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण धमतरी कलेक्ट्रेट पहुंचे और वन विभाग की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग ने बिना किसी पूर्व समझाइश के सख्त कार्रवाई की, जिससे गांव में भय और असंतोष का माहौल बन गया है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई
पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।






