अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, रायपुर। नगर निगम में जन प्रतिनिधि एक्ट के अंतर्गत कोई भी ठेकेदार नगर निगम में निर्वाचित पदाधिकारी या चुनाव लडऩे का कार्य नहीं कर सकता या कोई भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि नगर निगम में ठेकेदार नहीं बन सकता और किसी भी प्रकार के टेंडर की प्रक्रिया में भाग भी नहीं ले सकता । छत्तीसगढ़ नगर निगम एक्ट के अंतर्गत निर्वाचित जनप्रतिनिधि नगर पालिका या नगर निगम के किसी भी योजनाओं का लाभ भी प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से ही नहीं ले सकता। जिसका उदाहरण पिछले साल हुए नगर निगम चुनाव में देखने को मिला।+
नगर निगम के महापौर प्रत्याशी के लिए कांग्रेस पार्टी के उमीदवार ठेकेदारी करते हैं नगर निगम से उनका संपूर्ण पेमेंट भी मिल चुका था, लेकिन उमीदवारी बनते समय वे भूल गए के नगर पालिका एक्ट नगर निगम मैनुअल अधिनियम के अनुसार कोई भी ठेकेदार या ठेकेदार रहते हुए चुनाव लडऩे के योग्य नहीं है । इसलिए उनका नामांकन पत्र भी ख़ारिज हुआ था लेकिन पूर्व महापौर ऐसी कौन सी जादुई छड़ी रखें या अधिकार रखते हैं के अपना पार्षद कार्यालय बैजनाथपारा वार्ड के पार्षद का कार्यालय जनसुविधा केंद्र जो पुराना सुभाष स्टेडियम के नाम से चर्चित जगह पर निर्मित है जेनरिक दवाएँ मेडिकल स्टोर के बग़ल में खोला है। बैजनाथपारा पार्षद कार्यालय नगर निगम की आबंटित दुकान पर खोल दिया। नगर निगम हितग्राही बनने हेतु अपात्र होने के बावजूद पार्षद कार्यालय नगर निगम के निर्मित जनसुविधा केंद्र खोला गया जो नियम के विपरीत है।
किराये पर भी लेकर निर्वाचित जनप्रतिनिधि का कार्यालय नहीं खोल सकते । किराया पर लिया है तो किससे लिया है? ये देखना अभी बाक़ी है और नगर निगम द्वारा जाँच के उपरांत ही बात सामने आएगी कि उपरोक्त दुकान किसके नाम पर और किसके आदेश से किसको आबंटित हुई थी पूर्व महापौर अभी भी अपने आप को कांग्रेस का महापौर समझते हुए भी नगर निगम की सपत्ति के साथ मनमानी कर रहे हैं। कोई भी शासकीय नियम का पालन नहीं होने के कारण आश्चर्य का विषय है भाजपा के पार्षदगण और नगर निगम के सभापति, महापौर ने इस अवैध कार्य को ध्यान नहीं दिया या संज्ञान में नहीं आया जबकि अधिकांश समय पर सभी पदाधिकारी वही से गुजऱते हैं। सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उपरोक्त विषय पर सभी संबंधित जगहों पर शिकायत भेजने बाबत् जानकारी दी है।





