अनादि न्यूज़

सबसे आगे सबसे तेज

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ – ऑनलाइन शाॅपिंग साइट 20 दिन में 25 लाख ने सर्च की, पुलिस ने शुरू की ठगी से बचाने की मुहिम…

त्योहारी सीजन के हिसाब से लोगों ने खरीदारी शुरू की है और बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लेकिन पिछले 20 दिन से काफी लोग अाॅनलाइन शापिंग साइट्स भी खंगाल रहे हैं। पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट्स के जरिए प्रदेश में 25 सितंबर से अब तक 25 लाख से ज्यादा लोगों ने गूगल पर शॉपिंग साइट को सर्च किया है और प्रोडक्ट के डीटेल देखे हैं। इनमें सबसे ज्यादा लोग बिलासपुर से हैं। भिलाई-दुर्ग इस मामले में दूसरे नंबर पर है।

रायपुर के लोग अब भी शापिंग साइट्स के बजाय यहां के बाजार पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। हालांकि अाॅनलाइन शापिंग जिस तरह लाखों की संख्या में लोग सर्च कर रहे हैं, उससे पुलिस के साइबर एक्सपर्ट्स को अाशंका है कि इन शापिंग साइट्स के नाम पर भी ठगी हो सकती है। इसलिए सबसे पहले रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू कर दिया है।


पुलिस के साइबर एक्सपर्ट के अनुसार प्रदेश में इंटरनेट के 55 लाख से ज्यादा यूजर्स है। इसमें से 25 लाख लोग बड़ी शापिंग वेबसाइट ही सर्च कर रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले यूजर्स लगातार बढ़े हैं। शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में यह संख्या ज्यादा बढ़ी है। पुलिस को अाशंका है इतना सर्च होने की वजह से फेक वेबसाइटें बनाकर ठगों के सक्रिय होने की अाशंका है। इसलिए रायपुर पुलिस रोजाना 5 हजार लोगों को सोशल मीडिया पर अलर्ट वाले मैसेज पोस्ट कर रही है। कुछ वीडियो भी तैयार किए गए हैं, जो यह बता रहे हैं कि अाॅनलाइन साइटों से किस तरह से ठगी की जा सकती है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।

See also  आज मौसम रहेगा साफ, 6 अप्रैल से गरज चमक के साथ हो सकती है बारिश

ऑनलाइन ठगी के केस

  • 2017   केस106 
  • ठगी 38,76, 183
  • 2018  केस 37
  • ठगी 16,89,067

कस्टमर केयर से बढ़ा खतरा : पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगों की ऐसी 200 से ज्यादा फेक वेबसाइटों का पता चला है, जो बड़ी अानलाइन शापिंग साइट्स के नाम पर हैं। ये बिलकुल ओरिजिनल साइट्स की हूबहू दिखती हैं। यही नहीं, इंटरनेट पर हर कंपनी ने कस्टमर केयर के नाम पर मोबाइल नंबर अपलोड कर रखे हैं। सबसे ज्यादा ठगी की अाशंका इसी से हैं। 


एक्सपर्ट्स के अनुसार लोग गूगल में जाकर कंपनी का नाम सर्च करते हैं तो पहले डिस्प्ले होने वाली अधिकांस साइट्स फर्जी रहती हैं। लोग इसकी जांच किए बिना उसमें जाकर शॉपिंग करते है। ऑनलाइन पेमेंट के लिए जैसे ही खाते की जानकारी अपलोड करते हैं, खाते से पैसे पार हो जाते हैं। इसी तरह से मदद के लिए लोग कस्टमर केयर में कॉल करके फंस रहे हैं। ठगी और ज्यादा हाईटेक हो गए हैं। ऐसे लिंक शेयर कर रहे हैं, जिसमें क्लिक करने पर ही ठगी हो रही है। पुलिस के मुताबिक शॉपिंग साइट में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की खरीदारी की जा रही है।


 मोबाइल, लैपटॉप, हेडफोन और घड़ी जैसे सामान ज्यादा मंगाए जा रहे हैं। खासतौर पर सेल के समय लोग ज्यादा शॉपिंग कर रहे हैं। इलेक्ट्रानिक्स की शापिंग में कस्टमर केयर की जरूरत ज्यादा रहती है, इसलिए ठगे जाने की अाशंका इसी में सबसे ज्यादा है।

साइबर क्राइम एक्सपर्ट की ओर से पुलिस ने जारी की एडवायजरी

  •  गूगल की जगह किसी भी कंपनी के होम पेज में जाकर कस्टमर केयर नंबर देखें।
  •  सही साइट में रिफंड पॉलिसी, प्राइवेट पॉलिसी होती है। उसे देखें, फिर खरीदी करें।
  •  किसी भी कंपनी की https: जरूर देखें। फर्जी वेबसाइट में यह नहीं होता है।
  •  किसी भी लिंक या साइट में अपने खाता की जानकारी शेयर न करें।
  •  जिन खातों से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं, उसमें हमेशा लिमिट में ही पैसे रखें। 
See also  सही मैनेजमेंट न होने की वजह से, खिलाडियों को मजबूरी में फर्श में सोना पड़ा

(साइबर एक्सपर्ट मोहित साहू ने बताया)


जागरूकता के लिए कल क्विज : रायपुर पुलिस पिछले कुछ दिन से शापिंग साइट्स से होने वाली ठगी को लेकर कालेजों में युवाओं को बचने के उपाय बता रही है। शॉर्ट फिल्म से लेकर वीडियो से जागरुक किया जा रहा है, ताकि वे अपने घर जाकर परिजन को भी जागरुक करें। इसी कड़ी में 16 अक्टूबर को पुलिस छात्रों के लिए क्विज कॉम्पटीशन करने जा रही है। इसमें ऑनलाइन ठगी या साइबर क्राइम से संबंधित सवाल-जवाब किए जाएंगे।