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बीजेपी की शिकायत पर बंगाल में EC का बड़ा एक्शन: EVM पर टेप वाले सभी बूथों पर दोबारा मतदान का आदेश

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम,बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान सुबह 7 बजे से जारी है. 142 सीटों पर दोपहर 1 बजे तक 61.11% मतदान हो चुका है. भारी मतदान के बीच सीएम ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के गढ़ माने जाने वाले इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर चुनाव में धांधली के आरोप लगा है. डायमंड हार्बर  क्षेत्र के फाल्टा में कई पोलिंग बूथों पर EVM में बीजेपी के बटन पर टेप चिपका (Tape Pasted on BJP button in EVM) दिया गया है, ताकि लोग उन्हें वोट न दे सकें. इसकी तस्वीर भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल के मीडिया प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दिया. अब चुनाव आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ऐसे बूथ पर फिर से मतदान कराने के आदेश दे दिए हैं.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने क्या कहा ?

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि जिस भी मतदान केंद्र पर ईवीएम के ऊपर काला या सफेद टेप पाया गया है, वहां पुनर्मतदान कराया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा है कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बूथ से इस तरह टेप मिलने की घटनाएं सामने आती हैं, तो पूरे विधानसभा क्षेत्र में ही पुनर्मतदान कराया जाएगा.

गौरतलब है कि बीजेपी ने फालता इलाके में ईवीएम पर टेप लगे होने के कारण बीजेपी उम्मीदवार का नाम छिपने की शिकायत की थी. चुनाव आयोग ने शिकायत को गंभीर बताते हुए इसकी जांच के आदेश दिए थे. चुनाव आयोग की ओर से कहा गया था कि अगर शिकायत सही पाई गई, तो आयोग पुनर्मतदान के आदेश देगा. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग से पहले ही इस बात के निर्देश दिए थे कि पीठासीन अधिकारी मतदान शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित करें कि ईवीएम पर सभी उम्मीदवारों के नाम स्पष्ट रूप से दिखाई दें.

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चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक किसी भी उम्मीदवार के बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य सामग्री के साथ कवर नहीं किया गया हो, वोटिंग की शुरुआत से पहले यह सुनिश्चित करने के निर्देश पीठासीन अधिकारियों को दिए गए थे. मतों की गोपनीयता प्रकट करने के लिए बैलट यूनिट के उम्मीदवार बटन पर कोई रंग या स्याही या इत्र या अन्य रसायन नहीं लगा हो. यदि ऐसा कोई उदाहरण देखा जाता है, तो पीठासीन अधिकारी तुरंत और अनिवार्य रूप से सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को सूचित करे.

ऐसे सभी मामले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ छेड़छाड़/हस्तक्षेप के अंतर्गत आने की आशंका है. चुनाव अधिकारियों का कहना है कि यह गंभीर चुनावी अपराध है. ऐसा कोई भी मामला सामने आने पर निर्वाचन आयोग पुनर्मतदान के आदेश सहित जिम्मेदार लोगों के प्रति आपराधिक कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा.

टीएमसी ने बीजेपी की शिकायत पर किया पलटवार

वहीं टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने बीजेपी के इन आरोपों पर पलटवार हुए कहा कि पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा फाल्टा में घूम-घूमकर लोगों और टीएमसी उम्मीदवार व उनके परिवार को डरा रहे हैं. यह पूरा मामला चुनाव आयोग के दायरे में आता है. वे क्या कर रहे हैं?’ उन्होंने आगे कहा कि अमित मालवीय को ट्वीट करने के बजाय शिकायत करनी चाहिए कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत बर्खास्त किया जाए और अजय पाल शर्मा को निलंबित किया जाए क्योंकि वे भाजपा की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं.