गौरतलब है कि 4 फरवरी को असम कांग्रेस के प्रेसिडेंट गौरव गोगोई ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार ने राज्य में करीब 12,000 बीघा जमीन पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर लिया है, जो 3,960 एकड़ से ज्यादा एरिया में फैला है। सीएम सरमा को हाल ही में धार्मिक भेदभाव को लेकर दिए गए अपने बयानों के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जजों और सिविल सोसाइटी के अलग-अलग तबकों की आलोचना का सामना करना पड़ा है।
जमीन से जुड़े आरोप सामने आने के बाद यह मुद्दा गरमा गया है। इन आरोपों के जवाब में मुख्यमंत्री सरमा ने साफ कहा है कि वे गौरव गोगोई समेत कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी मानहानि का केस चलाएंगे। इस बीच गोगोई ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री के इस कदम को घबराहट का संकेत बताया है। उन्होंने X पर लिखा कि अगर मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो उन्हें कोर्ट में खुलकर लोगों का सामना करना चाहिए।




