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बस्तर में अब विकास और शांति गूंज रहा

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद की समस्या दशकों से विकास और शांति की राह में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। राज्य सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से दंतेवाड़ा, बीजापुर और आसपास के इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी है, जिसका असर जमीन पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इस परिवर्तन की एक बड़ी वजह है ‘नियद नेल्ला नार’ जैसी विकासपरक योजनाएं, जिन्होंने जनता और शासन के बीच विश्वास की एक मजबूत कड़ी का काम किया है।

सबसे बड़ी मुठभेड़: 31 नक्सली ढेर, 210 बंकर तबाह
हाल ही में दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा पर सुरक्षा बलों ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस अभियान में कुल 31 हार्डकोर नक्सली मारे गए, जिन पर कुल मिलाकर 1.72 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। साथ ही इस अभियान में 210 से अधिक नक्सली बंकरों को भी नष्ट कर दिया गया। यह मुठभेड़ राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई मानी जा रही है। इस ऑपरेशन की सफलता के पीछे थी लंबी योजना, कड़ी रणनीति और सुरक्षा बलों की अदम्य साहस। इस अभियान ने न केवल माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया, बल्कि स्थानीय जनता में भी सुरक्षा और शांति की एक नई आशा जगाई है।

डेढ़ साल में 500 से अधिक नक्सली मारे गए
छत्तीसगढ़ में पिछले डेढ़ साल (लगभग जनवरी 2024 से मई 2025 तक) में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए विभिन्न अभियानों में लगभग 500 से अधिक नक्सली मारे गए हैं। 2024 में पूरे साल में लगभग 219-257 नक्सली मारे गए थे। मुठभेड़ों के आंकड़े…

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16 अप्रैल 2024, कांकेर: 29 नक्सली मारे गए।

4 अक्टूबर 2024, दंतेवाड़ा-नारायणपुर: 35 नक्सली ढेर, जो 2024 की सबसे बड़ी मुठभेड़ थी।

10 मई 2024, बीजापुर: 12 नक्सली मारे गए।

2025 में (जनवरी-मई):
इस अवधि में लगभग 134-325 नक्सली मारे गए है।

9 फरवरी 2025, बीजापुर: 31 नक्सली ढेर।

20 मार्च 2025, बीजापुर और कांकेर: 30 नक्सली मारे गए।

21 जनवरी 2025, गरियाबंद: 18-27 नक्सली मारे गए।

मई 2025, बीजापुर: ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट और अन्य अभियानों में 15-31 नक्सली मारे गए।

आत्मसमर्पण की लहर: 26 हार्डकोर नक्सलियों ने छोड़ा हथियार
सरकार की पुनर्वास नीति-2025 और सुरक्षा बलों के दबाव के कारण नक्सलियों में भय का माहौल व्याप्त है। इसका परिणाम यह हुआ है कि हाल ही में दंतेवाड़ा में 26 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिनमें से कई पर लाखों रुपये के इनाम थे। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों को सरकार द्वारा पुनर्वास के तहत आर्थिक सहायता, कृषि भूमि, मकान, और स्वरोजगार की सुविधा दी जा रही है। यह पहल इस दिशा में बड़ा संदेश है कि हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए समाज और शासन में जगह है।