ट्रांसफर खेल में घिरे मंत्री के पूर्व सहायक! दिल्ली तक पहुंची वसूली की शिकायत

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम,रायपुर/छत्तीसगढ़ में सरकार के ढाई साल लगभग पूरे हो चुके हैं। इन ढाई सालों में सरकार या मंत्री मंडल की रिपोर्ट कार्ड अगर देखें तो कई मंत्री महोदय विवादों से घिरे नजर आए। कोई अपने नियुक्ति के कारण तो कोई अपनी निजी कार्यशैली के कारण। मगर सवाल यह भी है कि मंत्री जी के अपने ही अधिकारी उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया।
लगभग साल भर पुराना है मगर एक बार फिर खुल पड़ने लगा है मामला मंत्री जी के पूर्व विशेष सहायक के कारनामों का। कारण वही जो दो धारी तलवार पर खड़े कर दिया है सरकार को। राज्य दिलाने के बाद अधिकारियों को भ्रष्ट के राज्य की फेहरिस्त में विशेष सहायक साहब को मंत्री जी से दूर कर दिया मगर आज भी उनके लोग ही छिपकर ऑपरेट हो रहे हैं।
बड़ी उड़ाने से सरकार पर आज तमाम बातें हैं कि एक मंत्री महोदय की कलाई जा पूर्व विशेष सहायक साहब ने मोटे ट्रांसफर के नाम से लिए हैं। उन्हें वापस बुला जाए फिर उनका काम हो जाए। मगर सरकार की बदनामी का भय किसी अधिकारी को सामने आने के डर आज जमींदारों से रहा है।
हालांकि ये बात लेकर दो आईएएस या तहसीलदार सभी उज्जैन इस मामले पर आज भी पछता रहे हैं मगर इस सब के करोड़ों रुपए कूटने के अपने निजीशाही रखने वाले पूर्व विशेष सहायक साहब इनका फोन तक नहीं उठा रहे हैं।
ऐसे में अब ये बात दिल्ली हाई कमान तक तो पहुंचना लाजमी था। पूर्व मंत्री का भी नाम खराब पड़ रहा है। किंतु कई बड़े नेताओं का प्रयोग किस पर किया इसका खुलासा कौन करेगा मंत्री जी या पूर्व विशेष सहायक साहब।





