दिल्लीवालों को जाम से मिलेगी राहत, रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी दो बड़ी परियोजनाएं मंजूर कीं
अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, उत्तर-पश्चिम दिल्ली में लंबे समय से बनी ट्रैफिक जाम की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे ने दिल्ली सरकार की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इलाके में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और बाधारहित होने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी की यातायात व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से लोगों का सफर आसान होगा और रोजाना लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
सरकार के मुताबिक, रेलवे की मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजनाओं के निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इन योजनाओं का उद्देश्य रेलवे क्रॉसिंग और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात दबाव को कम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर लगातार काम कर रही है और राजधानी में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और रेलवे के साथ समन्वय बनाकर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
ROB के चौड़ीकरण को मंजूरी
दिल्ली सरकार को उत्तर-पश्चिम दिल्ली की दो महत्वपूर्ण ट्रैफिक परियोजनाओं पर बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि रेलवे ने मुकरबा चौक पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए हैदरपुर बादली स्थित आउटर रिंग रोड पर मौजूदा रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के चौड़ीकरण को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद इलाके में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी और रोजाना लगने वाले लंबे जाम से लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम दिल्ली में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दिल्ली सरकार राजधानी में आधुनिक, सुरक्षित और बाधारहित यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। रेलवे से मिली मंजूरी के बाद अब परियोजना के निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
एलिवेटेड लूप भी मंजूर
इसके अलावा शालीमार बाग से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर तक रेलवे ट्रैक को पार करने वाले प्रस्तावित एलिवेटेड लूप को भी रेलवे ने स्वीकार कर लिया है। माना जा रहा है कि इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तर-पश्चिम दिल्ली में यातायात व्यवस्था काफी सुगम हो जाएगी और लोगों को लंबे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं को लेकर दिल्ली सरकार और उत्तर रेलवे के बीच लंबे समय से तकनीकी परीक्षण और पत्राचार चल रहा था। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद रेलवे ने दोनों परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार के समन्वय से राजधानी में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परियोजनाएं राजधानी को ‘विकसित दिल्ली’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।
जाम की समस्या में आएगी कमी
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में यातायात व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और बाधारहित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम दिल्ली के ये दोनों क्षेत्र लंबे समय से भारी ट्रैफिक दबाव से प्रभावित रहे हैं, जहां प्रतिदिन हजारों यात्री और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। रेखा गुप्ता ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी कमी आएगी और लोगों को तेज, सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि इससे यात्रा का समय घटेगा और परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
रेलवे ने रखी शर्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने रेलवे को ड्रॉइंग और तकनीकी प्रस्ताव भेजे थे। विस्तृत परीक्षण और तकनीकी जांच के बाद रेलवे ने दोनों परियोजनाओं को व्यवहारिक माना और मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) की स्वीकृति से सैद्धांतिक एनओसी जारी की है। उन्होंने बताया कि रेलवे ने निर्माण कार्य को निर्धारित सुरक्षा मानकों और तकनीकी निगरानी के अनुरूप संचालित करने की शर्त भी रखी है, ताकि रेल संचालन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। दिल्ली सरकार राजधानी में आधुनिक, सुरक्षित और बाधारहित यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर-पश्चिम दिल्ली के ये क्षेत्र लंबे समय से भारी ट्रैफिक दबाव का सामना कर रहे हैं, जहां प्रतिदिन हजारों यात्री और मालवाहक वाहन गुजरते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों परियोजनाओं को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने रेलवे को ड्रॉइंग और तकनीकी प्रस्ताव भेजे थे। तकनीकी परीक्षण और विस्तृत समीक्षा के बाद रेलवे ने दोनों परियोजनाओं को व्यवहारिक मानते हुए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) की स्वीकृति से सैद्धांतिक एनओसी जारी की है। साथ ही निर्माण कार्य को निर्धारित सुरक्षा मानकों और तकनीकी निगरानी के अनुरूप पूरा करने की शर्त भी रखी गई है, ताकि रेल संचालन प्रभावित न हो। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के प्रमुख जाम बिंदुओं की पहचान कर वहां स्थायी समाधान विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मुकरबा चौक, आउटर रिंग रोड और संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र दिल्ली के सबसे व्यस्त परिवहन केंद्रों में शामिल हैं, जहां प्रतिदिन हजारों यात्री और मालवाहक वाहन गुजरते हैं।
डबल इंजन सरकार के फायदे
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं के लागू होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रा समय कम होगा और लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। इससे राजधानी की यातायात व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सुगम बन सकेगी। सीएम गुप्ता ने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों के कारण दिल्ली में आधारभूत संरचना और ट्रैफिक सुधार से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित दिल्ली’ के विजन के अनुरूप राजधानी में आधुनिक, भविष्य उन्मुख और बाधारहित ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है।






