अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, रायपुर। साय सरकार को शिक्षकों की चिंता पहले दिन से की थी। क्योंकि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प शपथ लेने के दिन ही ले लिया था। यह कदम छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माताओं को नया संबल दे रहा है और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बना रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा शिक्षक आने वाले वर्षों में प्रदेश की नई पीढ़ी को दिशा देंगे और छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह निर्णय शिक्षकों के उज्जवल, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की एक नई शुरुआत है।
विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से छत्तीसगढ़ के 26 सौ से अधिक बीएड अर्हताधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों के जीवन में खुशियां लौट आई है। प्रदेश सरकार ने बर्खास्त शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के 2600 से अधिक युवाओं का भविष्य एक बार फिर संवर गया है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर 2024 को प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति के लिए डीएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का आदेश दिया। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 2,900 बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों की सेवाएँ समाप्त कर दी गईं, क्योंकि उनकी योग्यता प्राथमिक स्तर के लिए उपयुक्त नहीं मानी गई।
शिक्षकों का आंदोलन
सेवा समाप्ति के विरोध में बीएड शिक्षकों ने 14 दिसंबर 2024 से नवा रायपुर में 125 दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान अनुनय यात्रा, मौन व्रत, भूख हड़ताल, शव यात्रा, और छेरछेरा दान जैसे विभिन्न तरीकों से उन्होंने अपनी मांगें सरकार तक पहुँचाईं थी।
सरकार का समायोजन निर्णय (30 अप्रैल 2025)
छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने 30 अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक में 2,621 बीएड अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के रिक्त 4,422 पदों पर समायोजित करने का फैसला लिया है।
समायोजन गैर-विज्ञापित पदों पर किया जाएगा।
कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने के लिए 3 वर्ष का समय दिया जाएगा। इन शिक्षकों को SCERT के माध्यम से दो महीने का विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग के 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन किया जाएगा।





