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पत्थरबाजी पर भड़के CM शुभेंदु अधिकारी, बोले – “दोबारा हुआ तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा”

 अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही सीएम शुभेंदु अधिकारी ने ताबड़तोड़ कई फैसले लिए. इनमें से एक फैसला सड़कों पर नमाज़ के बैन का था. आदेश का असर भी देखने को मिला, जब राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद पहली जुमे की नमाज़ अदा करने नमाज़ी सड़क पर बैठ गए. इस दौरान पुलिस ने ऐसे नमाजियों को सड़कों से हटाना शुरू कर दिया. जिसके बाद पूरे राज्य से कई जगहों पर हिंसा देखी गई. अब इसी मामले में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि पुलिसकर्मियों पर हमले और तोड़फोड़ की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.

बता दें कि, बंगाल की शुभेंदु सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाई थी, जिसके बाद सर्कस पार्क इलाके में जब अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई हुई तो वहां के लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसमें कुछ अधिकारी घायल हो गए थे और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा था. इस पर सीएम शुभेंदु ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की तरह पश्चिम बंगाल में भी ऐसी संस्कृति जारी नहीं रहेगी.

‘मैं स्पष्ट संदेश दे रहा हूं…’

शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि हिंसा में छह पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के दो जवान घायल हो गए थे. उन्होंने कहा कि अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच की निगरानी सीधे पुलिस कमिश्नर द्वारा की जा रही है. उन्होंने कहा, ‘मैं स्पष्ट संदेश दे रहा हूं कि इस तरह की अशांति, गुंडागर्दी और राष्ट्रविरोधी, समाजविरोधी गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हम ऐसी चीजों को जारी नहीं रहने देंगे.

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मैं एसी में नहीं बैठूंगा: शुभेंदु अधिकारी

पुलिस और केंद्रीय बलों की तारीफ करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भीड़ द्वारा उकसाए जाने के बावजूद उन्होंने संयम बरता. तृणमूल कांग्रेस के पूर्व प्रशासन पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दिन बीत चुके हैं जब पुलिसकर्मी घायल हो जाते थे जबकि मंत्री AC कमरे में बैठे रहते थे. उन्होंने कहा, ‘यह मत सोचिए कि पुराने नियम अब भी लागू हैं. अगर कोई यह मानता है कि पुलिस बल बंधे हाथों और पैरों के साथ काम करता रहेगा, तो वे गलत हैं.’

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘राजनीतिक और धार्मिक संगठन पुलिस को सूचित करने के बाद कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं, लेकिन लोगों को इकट्ठा करना, धार्मिक नारेबाजी करना और पत्थर फेंकने की घटनाएं जारी नहीं रह सकतीं. श्रीनगर और कश्मीर में पुलिस पर पत्थर फेंकना अब बंद हो गया है, मुझे विश्वास है कि पश्चिम बंगाल और कोलकाता में भी यह बंद हो जाएगा.’