
अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, होटल, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड कारोबारियों ने बढ़ाई कीमतें, आम लोगों की जेब पर असर
शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर अब सीधे खाने-पीने की चीजों पर दिखाई देने लगा है। होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और फास्ट फूड व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों ने खाने के दाम बढ़ा दिए हैं। कारोबारियों का कहना है कि गैस सिलेंडर, तेल, मसाले और अन्य सामान महंगे होने के कारण अब पुराने रेट पर सामान बेचना मुश्किल हो गया है।
पहले जो कमर्शियल गैस सिलेंडर 114.50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ मार्च में महंगा हुआ था, वह अप्रैल में 195.50 रुपये और अब मई में 993 रुपये तक बढ़ चुका है। अचानक हुई इस भारी बढ़ोतरी से छोटे दुकानदारों और होटल संचालकों की लागत काफी बढ़ गई है। कई दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों को संभालने के लिए उन्होंने लंबे समय तक पुराने दाम रखे, लेकिन अब नुकसान उठाना संभव नहीं है।
खाने-पीने की चीजों के नए दाम
समोसा जो पहले 15 से 18 रुपये में मिलता था, अब 20 रुपये का हो गया है।
डोसा 120 रुपये से बढ़कर 130 रुपये पहुंच गया।
उत्तपम के दाम 140 से बढ़कर 150 रुपये हो गए।
पावभाजी अब 110 की जगह 120 रुपये में मिल रही है।
पनीर चिल्ली ड्राय की प्लेट 200–240 रुपये से बढ़कर 250–300 रुपये तक पहुंच गई।
पनीर चिल्ली एनालॉग के दाम 120–160 से बढ़कर 140–180 रुपये हो गए।
होटल में मिलने वाली खाने की थाली 120 रुपये से सीधे 220 रुपये तक पहुंच गई।
वहीं पार्सल थाली के दाम 270 से बढ़कर 300 रुपये हो गए हैं।
व्यापारियों ने क्या कहा?
रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि सिर्फ गैस ही नहीं, बल्कि खाने का तेल, सब्जियां, मसाले और मजदूरी खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पुरानी कीमतों पर खाना बेचना घाटे का सौदा बन गया है। कुछ व्यापारियों ने बताया कि अभी फिलहाल मामूली बढ़ोतरी की गई है, लेकिन आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
ग्राहकों पर असर
खाने के दाम बढ़ने से सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और रोज बाहर खाना खाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। छात्र, नौकरीपेशा लोग और छोटे परिवार अब होटल और फास्ट फूड पर खर्च कम करने लगे हैं। कई लोगों का कहना है कि पहले जहां 100–150 रुपये में पेट भर जाता था, अब वही खर्च 250–300 रुपये तक पहुंच रहा है।
आगे और बढ़ सकते हैं दाम
व्यापारियों के अनुसार यदि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें कम नहीं हुईं, तो आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों के दाम में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने सरकार से गैस की कीमतों पर राहत देने की मांग भी की है, ताकि आम लोगों और छोटे व्यापारियों दोनों को राहत मिल सके।





