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कलेक्ट्रेट गेट पर मवेशी बांधकर विरोध, चक्काजाम; 18 से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम मुंगेली l गौसेवा से जुड़े लोगों का आंदोलन शुक्रवार को उस मोड़ पर पहुंच गया, जहां मामला केवल मांगों तक सीमित न रहकर प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की चुनौती बन गया। कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य गेट पर दो दर्जन मवेशी बांधकर शुरू हुआ विरोध धीरे-धीरे सड़क पर चक्काजाम और फिर हाईवे बाधित करने तक पहुंच गया, जिससे पूरा दिन जिला प्रशासन और पुलिस अमले के लिए तनावपूर्ण रहा।

पुलिस अफसरों के मुताबिक प्रदर्शनकारी कथित गौसेवक सुबह 9 बजे से ही कलेक्ट्रेट पहुंचने लगे और मुख्य गेट के सामने मवेशियों को बांधकर प्रतीकात्मक विरोध शुरू किया। इसी दौरान घायल और बीमार पशुओं को भी परिसर में लाया गया, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति बन गई। प्रदर्शन का यह तरीका प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए अपनाया गया, लेकिन इससे स्थिति और संवेदनशील हो गई।

प्रदर्शनकारी गौसेवकों का दावा है कि लगभग तीन माह पहले उन्होंने भूख हड़ताल की थी, जिसके बाद प्रशासन ने उनकी तीन प्रमुख मांगों – स्थायी गौशाला निर्माण, सर्वसुविधायुक्त पशु चिकित्सालय और एम्बुलेंस सेवा को तय समय में पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई ठोस प्रगति न होने पर नाराजगी बढ़ती गई और मामला दोबारा सड़क पर उतर आया।

धरना स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बातचीत शुरुआती दौर में सामान्य रही, लेकिन जल्द ही यह बहस में बदल गई। प्रशासानिक अफसरों और प्रदर्शनकारियों के बीच समन्वय नहीं बनने के कारण उग्र प्रदर्शन नेशनल हाईवे जाम तक पहुंच गया l गौसेवकों ने आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार केवल आश्वासन ही दिए गए, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि योजनाएं प्रक्रिया में है और सभी मांगों को तत्काल पूरा करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।

नेशनल हाईवे पर लगा था लंबा जाम

स्थिति तब और बिगड़ गई, जब प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट से हटकर सीधे मुख्य सड़क पर पहुंचे और चक्काजाम कर दिया। कुछ ही देर में बिलासपुर-मुंगेली मार्ग और नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आवागमन कुछ देर के लिए पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी तत्काल समाधान की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस को अतिरिक्त बल के साथ मौके पर बुलाना पड़ा।

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मार्ग अवरोध के आरोप में कार्रवाई शुरू

स्थिति नियंत्रण से बाहर जाते देख सिटी कोतवाली पुलिस ने सख्ती दिखाई और चक्काजाम व मार्ग अवरोध के आरोप में कार्रवाई शुरू की। करीब डेढ़ दर्जन लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है, जबकि तीन प्रमुख प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें आरोपियों की संख्या पहचान के आधार पर बढ़ेगी। यह एफआईआर कलेक्ट्रेट के चौकीदार की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। थाना प्रभारी कार्तिकेश्वर जांगड़े का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की पहचान और कार्रवाई भी की जा सकती है।