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छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर बाघ का खौफ, हमले में युवक की मौत

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम,कांकेर। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से लगे इलाके में बाघ की मौजूदगी से दहशत का माहौल है। कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र से सटे महाराष्ट्र में बाघ के हमले में एक युवक की मौत होने की खबर सामने आई है। वहीं पखांजूर क्षेत्र के पीवी-19 गांव में बाघ के पदचिह्न मिलने और एक गाय के शिकार की बात सामने आने के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है। सड़क किनारे खड़े बाघ का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र स्थित पीवी-19 गांव के आसपास ग्रामीणों ने कुछ दिन पहले बड़े वन्यजीव के पदचिह्न देखे थे। इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई। वन अमले ने मौके पर पहुंचकर पदचिह्नों की जांच की। बताया जा रहा है कि जांच के बाद पदचिह्न बाघ के होने की पुष्टि हुई है।

क्षेत्र में बाघ की गतिविधि का पता चलने के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि इसी क्षेत्र में एक गाय का भी शिकार हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि गाय का शिकार बाघ ने किया है। इसके बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। इसी बीच कांकेर सीमा से सटे महाराष्ट्र के दोढाडा गांव में एक ग्रामीण पर बाघ के हमले की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार हरीलाल वड्डडे जंगल की ओर गए हुए थे। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र के वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और आसपास के इलाकों में लोगों को सतर्क किया गया।

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युवक की मौत और छत्तीसगढ़ की सीमा में बाघ के पदचिह्न मिलने के बाद दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। वन विभाग की टीमें बाघ की गतिविधियों और उसके संभावित मूवमेंट पर नजर रख रही हैं। जंगल से सटे गांवों के लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस बीच बाघ का एक वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि सड़क से कार में गुजर रहे कुछ लोगों को सड़क किनारे बाघ दिखाई दिया। वाहन में बैठे लोगों ने सुरक्षित दूरी से उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में बाघ सड़क के किनारे दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

महाराष्ट्र का सीमावर्ती जंगल बाघों के आवागमन वाले कॉरिडोर के रूप में जाना जाता है। वन्यजीव जंगलों के रास्ते एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आवाजाही करते रहते हैं। हालांकि पखांजूर और कांकेर सीमा के आसपास बाघ की मौजूदगी की हालिया गतिविधियों ने वन विभाग के साथ स्थानीय ग्रामीणों को भी सतर्क कर दिया है। वन विभाग ने जंगल से लगे गांवों में रहने वाले लोगों से अकेले जंगल में नहीं जाने की अपील की है। खासकर सुबह और शाम के समय जंगल तथा झाड़ियों वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। मवेशियों को चराने के लिए जंगल में ले जाने वाले ग्रामीणों से भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बाघ दिखाई देने की स्थिति में लोग उसके पास जाने, वीडियो बनाने के लिए पीछा करने या उसे घेरने का प्रयास न करें। बाघ की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को दी जाए, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर रख सके। फिलहाल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों में वन विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं। बाघ के मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

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