अनादि न्यूज़

सबसे आगे सबसे तेज

ट्रेंडिंग दिल्ली

AI का कमाल: महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी अब करेंगे आपसे बातचीत

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम : अगर मैं आपसे यह कहूं कि- राष्ट्रपति महात्मा गांधी, पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी फिर से जीवंत (जिंदा) होंगे। आप ने महापुरुषों से बात कर पाएंगे। इनसे सवाल कर पाएंगे… तो आप कहेंगे कि क्या बकवास कर रहा है। लेकिन इस टेक्नोलॉजी की दुनिया में सबकुछ संभव है। जी हां… महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी फिर से जिंदा होंगे। हालांकि वो हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं होंगे लेकिन AI 3D अवतार में जल्द हमारे बीच होंगे। नेताओं को एआई अवतार में लाने का प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है।

दरअसल जल्द ही दिल्ली प्रधानमंत्री संग्रहालय  में जल्द ही महात्मा गांधी, इंदिर गांधी और वाजपेयी के एआई अवतार जीवंत होंगे। प्रधानमंत्री संग्रहालय में आने वाले विजिटर जल्द ही महात्मा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी के 3डी में एआई अवतार के रूप में दिखेंगे। लोग इन महापुरुषों से बात कर सकेंगे, जो इतिहास के एक गहन अनुभव को अत्याधुनिक तकनीक के साथ जोड़ते हैं।

बता दें कि पिछले साल सिंतबर में सरदार बल्लभभाई पटेल के स्थल से ऐसी ही शुरुआत हुई थी। पहली एआई प्रदर्शनी की शुरुआत के बाद लोगों द्वारा शानदार प्रतिक्रियाएं मिलने के बाद अब यह कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री संग्रहालय के निदेशक अश्वनी लोहानी ने पीटीआई को बताया कि हम विजिटर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए संग्रहालय में एआई के व्यापक उपयोग पर काम कर रहे हैं। हमने सरदार पटेल के आदमकद एआई-संचालित होलोबॉक्स से शुरुआत की, और फिर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के होलोबॉक्स लगाए। जल्द ही, हम गांधीजी और अटलजी के भी इसी तरह के अवतार लाएंगे। इस साल मई के आखिर में नेताओं के अवतार का शुभारंभ होने की उम्मीद है।

See also  अहमदाबाद प्लेन क्रैश: परिवारों ने पीएम मोदी से मांगा सच

चार साल पूरे

बता दें कि प्रधानमंत्री संग्रहालय को 14 अप्रैल को चार साल पूरे हो गए हैं। इस संग्रहालय में हर रोज 1400-1500 लोग घूमने आते हैं। संग्रहालय के चार साल पूरे होने पर निदेशक लोहानी ने कहा कि यह सफर शानदार रहा है। पीएमएमएल दुनिया के अद्वितीय संग्रहालयों में से एक है। अब यहां खूब पर्यटक आते हैं। हम प्रौधिगिकी का उपयोग बढ़ा रहे हैं। बताया कि साल 2025-26 में 64 लाख से ज्यादा लोगों ने संग्रहालय का दौरा किया। इससे इसकी बढ़ती लोकप्रियता दिखती है। पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए हम संग्रहालय में पहुंच में सुधार करने के लिए एआई का प्रयोग करने पर भी सोच रहे हैं।