महाराष्ट्र में बाघ का आतंक: चंद्रपुर में तेंदू पत्ता तोड़ने गई 4 महिलाओं को मार डाला
अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में शुक्रवार की सुबह बाघ के हमले में तेंदू पत्ता इकट्ठा कर रही चार महिलाओं की मौत हो गई। वन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर सिंदेवाही तहसील के गुंजेवाही गांव के पास हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, महिलाओं का समूह जंगल के इलाके में तेंदू पत्ते इकट्ठा करने गया था, जिनका उपयोग मुख्य रूप से बीड़ी बनाने के लिए किया जाता है। जब महिलाएं पत्ते इकट्ठा करने में व्यस्त थीं, तभी एक बाघ ने अचानक हमला कर दिया, जिसमें चार महिलाओं की जान चली गई।
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही में वन्यजीव और इंसानों के बीच संघर्ष की सबसे खौफनाक घटना सामने आई है. गुंजेवाही के जंगलों में सुबह तेंदूपत्ता इकट्ठा करने गई चार ग्रामीण महिलाओं पर एक हिंसक बाघ ने अचानक हमला कर उन्हें मार डाला.
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही तहसील के अंतर्गत आने वाले गुंजेवाही इलाके में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यहां के जंगलों में घात लगाए बैठे एक बाघ ने तेंदूपत्ता तोड़ने गई चार महिलाओं पर जानलेवा हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया. महिलाएं जब काम में व्यस्त थीं, तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने उन पर अचानक हमला बोल दिया. जंगल के भीतर चीख-पुकार मच गई, लेकिन जब तक कोई उनकी मदद के लिए पहुंचता, बाघ ने चारों महिलाओं को बुरी तरह लहूलुहान कर मार डाला था.
इस सामूहिक शिकार की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे इलाके में कोहराम मच गया. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग (Forest Department) के वरिष्ठ अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की.
चंद्रपुर के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी और वीभत्स घटनाओं में से एक है, जहां एक ही समय में बाघ के हमले में चार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुंजेवाही गांव की रहने वाली ये महिलाएं रोजमर्रा की तरह आज सुबह गांव के पास स्थित घने जंगल में तेंदूपत्ता लेने के लिए गई थीं.
इस दर्दनाक घटना में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान कावड़ाबाई मोहुर्ले (45), अनिताबाई मोहुर्ले (40), सुनीता मोहुर्ले (38) और संगीता चौधरी (50) के रूप में हुई है। ये सभी महिलाएं गुंजेवाही गांव की ही रहने वाली थीं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बाघ ने सभी महिलाओं को एक ही स्थान और समय पर अपना शिकार बनाया या अलग-अलग जगहों पर उन पर हमला किया।






